चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले समझें अपनी स्किन का मिजाज, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
By: Team Aapkisaheli | Posted: 17 Sep, 2026
चेहरे की त्वचा को बेहतर और चमकदार बनाने के लिए लोग तरह-तरह के प्रोडक्ट्स, घरेलू नुस्खे और सोशल मीडिया पर बताए गए स्किन केयर टिप्स आजमाते हैं। लेकिन हर चीज हर स्किन टाइप के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी की त्वचा ऑयली हो सकती है तो किसी की ड्राई, वहीं कुछ लोगों की स्किन बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अपनी त्वचा की जरूरत समझे कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से जलन, रूखापन, लालिमा या पिंपल्स जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए स्किन केयर शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी त्वचा का मिजाज कैसा है और उसे वास्तव में किस चीज की जरूरत है। सही प्रोडक्ट चुनने के साथ उसकी मात्रा और इस्तेमाल का तरीका भी त्वचा की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
सबसे पहले पहचानें आपकी स्किन ऑयली है या ड्राईस्किन केयर की शुरुआत अपनी त्वचा को पहचानने से करनी चाहिए। अगर चेहरा धोने के कुछ समय बाद त्वचा पर ज्यादा तेल नजर आता है, खासकर माथे, नाक और ठुड्डी के आसपास, तो त्वचा ऑयली हो सकती है। वहीं चेहरा धोने के बाद खिंचाव महसूस होना, रूखी परतें नजर आना या त्वचा का आसानी से सूख जाना ड्राई स्किन की ओर इशारा कर सकता है। कुछ लोगों की त्वचा चेहरे के कुछ हिस्सों में ऑयली और बाकी जगह ड्राई होती है, जिसे कॉम्बिनेशन स्किन कहा जाता है। सही स्किन टाइप समझने से क्लेंजर और मॉइस्चराइजर जैसे बेसिक प्रोडक्ट चुनना आसान हो जाता है।
सेंसिटिव स्किन पर हर ट्रेंडिंग नुस्खा आजमाने से बचेंअगर किसी प्रोडक्ट या चीज को लगाने के बाद त्वचा पर जल्दी जलन, खुजली, लालिमा या चुभन महसूस होती है, तो त्वचा संवेदनशील हो सकती है। ऐसी स्थिति में एक साथ कई नए प्रोडक्ट चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है। खासकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली तेज या सुगंधित चीजें कुछ लोगों की त्वचा को परेशान कर सकती हैं। नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले सीमित हिस्से पर पैच टेस्ट करना मददगार हो सकता है। अगर जलन या कोई दूसरी प्रतिक्रिया हो, तो उसे दोबारा चेहरे पर लगाने से बचें।
ऑयली स्किन का मतलब मॉइस्चराइजर छोड़ देना नहीं हैऑयली त्वचा वाले कई लोग यह सोचकर मॉइस्चराइजर छोड़ देते हैं कि इससे चेहरा और ज्यादा चिपचिपा हो जाएगा। लेकिन त्वचा को मॉइस्चर की जरूरत फिर भी हो सकती है। ऐसे में अपनी त्वचा के अनुरूप हल्का, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है। इसी तरह ड्राई स्किन पर बहुत ज्यादा हार्श क्लेंजर या बार-बार चेहरा धोना रूखापन बढ़ा सकता है। इसलिए प्रोडक्ट चुनते समय केवल विज्ञापन या किसी दूसरे व्यक्ति के अनुभव पर निर्भर रहने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को प्राथमिकता देना बेहतर है।
एक साथ बहुत सारे प्रोडक्ट लगाने की जरूरत नहींस्किन केयर में ज्यादा प्रोडक्ट का इस्तेमाल हमेशा ज्यादा फायदा नहीं देता। कई अलग-अलग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को एक साथ इस्तेमाल करने से कुछ लोगों की त्वचा में जलन या ड्राईनेस हो सकती है। बेसिक रूटीन में त्वचा की सफाई, मॉइस्चराइजिंग और दिन में सनस्क्रीन जैसी जरूरी चीजों पर ध्यान दिया जा सकता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार दूसरे प्रोडक्ट जोड़े जा सकते हैं। किसी एक्टिव इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल शुरू करते समय धीरे-धीरे शुरुआत करना भी बेहतर तरीका हो सकता है।
स्किन में लगातार परेशानी हो तो एक्सपर्ट की सलाह लेंअगर चेहरे पर लगातार मुंहासे, तेज लालिमा, खुजली, जलन, सूजन या बार-बार रैशेज की समस्या रहती है, तो केवल घरेलू नुस्खों या इंटरनेट की सलाह पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। हर त्वचा की जरूरत अलग होती है और एक ही प्रोडक्ट का असर अलग-अलग लोगों पर अलग हो सकता है। इसलिए स्किन केयर का सबसे जरूरी नियम यही है कि ट्रेंड के पीछे भागने से पहले अपनी त्वचा को समझें, नए प्रोडक्ट सोच-समझकर इस्तेमाल करें और किसी भी असामान्य प्रतिक्रिया को नजरअंदाज न करें।
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