किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं, वास्तु के हिसाब से यहां की ये बातें भी हैं खास
By: Team Aapkisaheli | Posted: 17 Sep, 2026
घर में किचन सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं होती, बल्कि इसे घर की रोजमर्रा की ऊर्जा और व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भी रसोई की दिशा, चूल्हे की जगह और वहां रखी चीजों को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि किचन को सही दिशा और व्यवस्थित तरीके से रखने से घर का वातावरण सकारात्मक और संतुलित बना रह सकता है। वहीं, वास्तु के अनुसार कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, इसलिए इन्हें धार्मिक और पारंपरिक विश्वास के तौर पर ही देखना चाहिए।
दक्षिण-पूर्व दिशा को किचन के लिए माना जाता है शुभवास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में अग्नि तत्व से जुड़ी रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को उपयुक्त माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में किचन होने से अग्नि तत्व का संतुलन बना रहता है। अगर किसी कारण से दक्षिण-पूर्व दिशा में किचन बनाना संभव न हो, तो कई वास्तु परंपराओं में उत्तर-पश्चिम दिशा को भी एक विकल्प माना जाता है। हालांकि, घर की बनावट, वेंटिलेशन और सुरक्षा जैसी व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है।
चूल्हे की जगह को लेकर भी वास्तु में बताई गई हैं बातेंवास्तु मान्यताओं के अनुसार किचन में गैस स्टोव या चूल्हे को ऐसी जगह रखने की सलाह दी जाती है जहां खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर हो। इसे शुभ और सकारात्मक माना जाता है। साथ ही चूल्हे और सिंक के बीच उचित दूरी रखने की बात भी कही जाती है, क्योंकि वास्तु में अग्नि और जल तत्व को अलग रखने की मान्यता है। व्यावहारिक रूप से भी गैस स्टोव को सिंक से सुरक्षित दूरी पर रखना पानी के छींटों और अन्य दुर्घटनाओं से बचने के लिए बेहतर होता है।
किचन में सफाई और सामान की सही व्यवस्थावास्तु से जुड़ी मान्यताओं में साफ-सफाई को भी काफी महत्व दिया जाता है। किचन में गंदे बर्तन लंबे समय तक पड़े रहना, खराब या टूटे हुए सामान को जमा करके रखना और अनावश्यक चीजों का ढेर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। चाहे वास्तु की बात हो या सामान्य घरेलू व्यवस्था की, साफ और व्यवस्थित किचन काम को आसान बनाता है। मसालों, अनाज और बर्तनों को उनकी जरूरत के हिसाब से व्यवस्थित करके रखने से किचन ज्यादा सुविधाजनक और साफ दिखाई देता है।
सिंक और चूल्हे को बिल्कुल पास रखने से बचेंवास्तु में पानी और अग्नि को एक-दूसरे के विपरीत तत्व माना जाता है, इसलिए सिंक और गैस स्टोव को बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है। अगर किचन का डिजाइन ऐसा है कि दोनों को दूर रखना संभव नहीं है, तो उनके बीच पर्याप्त काउंटर स्पेस या कोई व्यावहारिक अंतर रखा जा सकता है। इससे वास्तु संबंधी मान्यता का ध्यान रखने के साथ-साथ किचन में काम करना भी आसान हो जाता है।
किचन में रोशनी और हवा का रखें खास ध्यानरसोई में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन होना सबसे जरूरी बातों में से एक है। वास्तु की कुछ परंपराओं में भी उजली और हवादार रसोई को बेहतर माना जाता है। खिड़की, एग्जॉस्ट फैन या चिमनी की उचित व्यवस्था किचन से धुआं और गर्मी बाहर निकालने में मदद करती है। इसलिए किचन की सजावट या वास्तु व्यवस्था करते समय केवल दिशा ही नहीं, बल्कि हवा, रोशनी, सफाई और सुरक्षा जैसी व्यावहारिक जरूरतों को भी जरूर ध्यान में रखना चाहिए।
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