घर में आईना कहां और कैसे लगाएं? वास्तु के इन नियमों को जानना है जरूरी
By: Team Aapkisaheli | Posted: 15 Sep, 2026
घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए आईना एक आम और जरूरी चीज है। सही जगह पर लगा आईना कमरे को बड़ा और रोशन दिखा सकता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में आईने को लेकर कुछ खास मान्यताएं भी बताई गई हैं। वास्तु के अनुसार आईना केवल चेहरा देखने के काम नहीं आता, बल्कि इसकी दिशा और स्थान का घर के माहौल पर भी प्रभाव माना जाता है। इसी वजह से घर में आईना लगाते समय उसकी दिशा, ऊंचाई और सामने मौजूद चीजों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर बेडरूम, मुख्य द्वार और पूजा स्थान के आसपास आईना लगाने को लेकर कई नियम बताए गए हैं।
उत्तर या पूर्व दिशा में आईना लगाना माना जाता है शुभवास्तु की मान्यताओं के अनुसार घर में आईना लगाने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा को बेहतर माना जाता है। माना जाता है कि इन दिशाओं में आईना लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। वहीं दक्षिण और पश्चिम दिशा में आईना लगाने से कई वास्तु विशेषज्ञ बचने की सलाह देते हैं। हालांकि, घर की बनावट और उपलब्ध जगह के अनुसार स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए केवल दिशा देखकर आईना लगाने के बजाय कमरे की संरचना को भी ध्यान में रखना चाहिए।
बेड के ठीक सामने आईना लगाने से बचेंबेडरूम में आईना लगाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार बेड के ठीक सामने ऐसा आईना नहीं होना चाहिए, जिसमें सोते हुए व्यक्ति का प्रतिबिंब दिखाई दे। इसे मानसिक बेचैनी और नींद में बाधा से जोड़कर देखा जाता है। अगर कमरे में आईना हटाना संभव नहीं है, तो सोते समय उसे पर्दे से ढकने का विकल्प अपनाया जा सकता है। इस तरह आईना भी इस्तेमाल किया जा सकता है और पारंपरिक वास्तु मान्यता का भी ध्यान रखा जा सकता है।
मुख्य दरवाजे के सामने आईना लगाने से बचेंवास्तु के अनुसार घर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने आईना लगाना भी उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि दरवाजे से घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा आईने से वापस बाहर की ओर परावर्तित हो सकती है। इसलिए मुख्य दरवाजे के सामने आईना लगाने के बजाय उसे ऐसी जगह लगाया जा सकता है, जहां वह प्रवेश द्वार का सीधा प्रतिबिंब न दिखाए। व्यावहारिक रूप से भी प्रवेश द्वार के आसपास बहुत बड़ा आईना लगाने से आने-जाने में असुविधा हो सकती है।
आईने में साफ और सुंदर चीजों का प्रतिबिंब दिखेवास्तु मान्यताओं में आईने के सामने रखी चीजों को भी महत्व दिया जाता है। इसलिए कोशिश करें कि आईने में हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित स्थान दिखाई दे। कूड़ेदान, बिखरा सामान या बहुत गंदा हिस्सा आईने के सामने रखने से बचें। इसका एक व्यावहारिक फायदा भी है। आईना कमरे के जिस हिस्से को प्रतिबिंबित करता है, वह जगह ज्यादा साफ और व्यवस्थित रखने की प्रेरणा देती है। घर को आकर्षक दिखाने के लिए आईने के सामने अच्छी रोशनी या सुंदर सजावट भी रखी जा सकती है।
टूटा या धुंधला आईना घर में न रखेंवास्तु की मान्यताओं के अनुसार टूटे, चटके या धुंधले आईने को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसे आईने को बदल देना बेहतर होता है। इसके पीछे व्यावहारिक कारण भी है कि टूटे हुए कांच से चोट लगने का खतरा रहता है और धुंधला आईना देखने में भी असुविधाजनक होता है। आईना लगाते समय यह भी सुनिश्चित करें कि वह दीवार पर मजबूती से लगा हो और उसकी ऊंचाई ऐसी हो कि घर के सदस्यों को आसानी से इस्तेमाल करने में परेशानी न हो।
वास्तु के साथ घर की सुविधा भी रखें ध्यानआईना लगाते समय केवल वास्तु नियमों पर निर्भर रहने के बजाय कमरे की रोशनी, आकार, सुरक्षा और उपयोगिता का भी ध्यान रखना चाहिए। आईना ऐसी जगह लगाएं जहां वह कमरे को बेहतर दिखाए और रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुविधाजनक हो। वास्तु एक पारंपरिक मान्यता है, इसलिए इसे निश्चित वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं लेना चाहिए। घर को सुंदर और आरामदायक बनाने के लिए आपकी सुविधा और पसंद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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