घर में सुकून का माहौल चाहिए तो इन जगहों को न करें नजरअंदाज, वास्तु में माना जाता है खास
By: Team Aapkisaheli | Posted: 10 Sep, 2026
घर में सुख-शांति का माहौल सिर्फ महंगे फर्नीचर या खूबसूरत सजावट से नहीं बनता। कई बार घर की कुछ ऐसी जगहें भी होती हैं, जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता, जबकि उनका साफ और व्यवस्थित रहना पूरे माहौल को बेहतर बना सकता है। वास्तु शास्त्र में भी घर के अलग-अलग हिस्सों को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि घर में चीजों की सही व्यवस्था और साफ-सफाई सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इन बातों को वैज्ञानिक नियम नहीं माना जाता और इनका आधार पारंपरिक मान्यताएं हैं। फिर भी घर को खुला, साफ और व्यवस्थित रखना मानसिक सुकून के लिए अच्छा माना जाता है।
घर का सेंटर एरिया रखें खुला और हल्काघर के बीच का हिस्सा अक्सर रोजमर्रा के सामान रखने के लिए इस्तेमाल होने लगता है। कभी कुर्सी, कभी बॉक्स तो कभी बच्चों के खिलौने यहां जमा हो जाते हैं। वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में घर के मध्य भाग को महत्वपूर्ण माना गया है और इसे ज्यादा भारी सामान से मुक्त रखने की सलाह दी जाती है। इसलिए कोशिश करें कि घर के बीच में अनावश्यक सामान जमा न हो। अगर जगह हो तो इसे खुला रखें और सिर्फ हल्की सजावट या छोटा पौधा जैसी चीजों का इस्तेमाल करें। इससे घर देखने में भी ज्यादा खुला और आरामदायक महसूस हो सकता है।
घर के कोनों में धूल और सामान का ढेर न लगने देंकम इस्तेमाल होने वाले कोनों की सफाई अक्सर बाकी घर की तुलना में कम होती है। धीरे-धीरे यहां धूल, खाली डिब्बे, पुराने अखबार या बेकार सामान जमा हो सकता है। वास्तु के नजरिए से भी घर के कोनों को साफ और अव्यवस्थित न रखने की सलाह दी जाती है। महीने में सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि नियमित रूप से इन जगहों की सफाई करना बेहतर है। अगर कोई कोना खाली है तो वहां जरूरत के अनुसार छोटा पौधा, लैंप या साधारण डेकोरेशन रखा जा सकता है। इससे वह जगह बेकार स्टोरेज एरिया बनने से बच जाएगी।
बालकनी को स्टोर रूम बनाने से बचेंबालकनी घर का ऐसा हिस्सा है जहां से रोशनी और हवा आती है, लेकिन अक्सर लोग इसे अतिरिक्त सामान रखने की जगह बना देते हैं। पुराने गमले, टूटे डिब्बे, खाली कार्टन और बेकार चीजों का ढेर बालकनी को भारी और गंदा बना सकता है। वास्तु की मान्यताओं में भी खुले हिस्सों को साफ और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जाता है। बालकनी में जरूरत के अनुसार पौधे लगाएं, फर्श साफ रखें और गैरजरूरी सामान हटाते रहें। इससे यह हिस्सा घर में ताजगी और खुलापन बनाए रखने में मदद कर सकता है।
पानी रखने वाली जगह की साफ-सफाई पर दें ध्यानघर में पानी का इस्तेमाल लगातार होता है, इसलिए पानी रखने वाले कंटेनर, फिल्टर के आसपास की जगह या पानी के बर्तन की सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वास्तु में जल तत्व को खास महत्व दिया जाता है, इसलिए पारंपरिक रूप से पानी से जुड़ी जगहों को साफ रखने की सलाह दी जाती है। व्यावहारिक रूप से भी साफ पानी के बर्तन और सूखी, स्वच्छ आसपास की जगह घर की हाइजीन के लिए जरूरी है। पानी जमा होने वाली जगहों पर गंदगी या फिसलन न बनने दें और कंटेनरों को समय-समय पर अच्छी तरह साफ करें।
घर की रोशनी वाले हिस्सों को न बनाएं भारीजहां से घर में प्राकृतिक रोशनी आती है, वहां बहुत ज्यादा सामान रखने से कमरा छोटा और दबा हुआ महसूस हो सकता है। वास्तु में भी घर में पर्याप्त प्रकाश और खुलेपन को अच्छा माना जाता है। इसलिए रोशनी आने वाले हिस्सों के सामने भारी सामान रखने से बचें। दिन के समय पर्दे और आसपास की व्यवस्था ऐसी रखें कि प्राकृतिक रोशनी आसानी से अंदर आ सके। साफ रोशनी वाला घर न सिर्फ देखने में बेहतर लगता है, बल्कि दिन के समय कमरे को ज्यादा खुशनुमा और आरामदायक महसूस कराने में भी मदद कर सकता है।
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