घर में समृद्धि लाएंगे वास्तु के ये आसान नियम: सही दिशा में रखें जूते-चप्पल दूर होगी नकारात्मकता
By: Team Aapkisaheli | Posted: 05 Sep, 2026
घर में जूते चप्पल रखने का स्थान केवल स्वच्छता ही नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को भी तय करता है। अक्सर लोग जाने अनजाने जूते चप्पल घर के मुख्य द्वार पर या किसी भी कोने में उतार देते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार जूते चप्पलों को सही स्थान और सही दिशा में न रखने से घर की शांति भंग हो सकती है।
वास्तु विज्ञान में दक्षिण पश्चिम यानी नैऋत्य कोण को जूते चप्पल और भारी अलमारी रखने के लिए सबसे शुभ माना गया है। इसके अलावा पश्चिम दिशा भी इसके लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है। इन दिशाओं में बंद अलमारी रखने से नकारात्मकता घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती।
घर के मुख्य द्वार पर बिखरे हुए जूते चप्पल सबसे बड़ा दोष पैदा करते हैं। प्रवेश द्वार वह स्थान है जहाँ से घर में लक्ष्मी और शुभ ऊर्जा आती है। अगर दरवाजे के ठीक सामने जूते चप्पलों का ढेर होगा तो इससे घर के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ सकता है। उत्तर या ईशान कोण में कभी भी जूते नहीं रखने चाहिए।
पुराने और टूटे फटे जूते घर में जमा करके रखने से आर्थिक प्रगति में बाधा आती है। जो जूते इस्तेमाल में न हों उन्हें तुरंत घर से हटा देना चाहिए। इसके अलावा जूते चप्पल हमेशा सीधे और व्यवस्थित ढंग से रखें। उल्टे रखे हुए जूते घर के वातावरण को प्रभावित करते हैं।जूते चप्पलों की बदबू दूर करने के लिए रैप या रैक के अंदर कपूर की टिकिया रखना एक उत्तम उपाय माना जाता है। कपूर की सुगंध से बैक्टीरिया समाप्त होते हैं और घर का वातावरण तरोताजा रहता है। खुले स्टैंड के बजाय लकड़ी का बंद रैक इस्तेमाल करना अधिक फायदेमंद होता है।
शयनकक्ष और पूजाघर के पास जूते चप्पल रखना वैवाहिक जीवन और मानसिक शांति के लिए नुकसानदेह माना जाता है। सही दिशा का ध्यान रखकर और स्वच्छता अपनाकर आप अपने घर में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रख सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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