Vastu Tips: घर के इस कोने में रखा बेकार सामान रोक सकता है पॉजिटिविटी, जानें कैसे करें सही व्यवस्था
By: Team Aapkisaheli | Posted: 27 Aug, 2026
घर की साफ-सफाई और सलीके से की गई व्यवस्था केवल देखने में अच्छी नहीं लगती, बल्कि घर के माहौल को भी हल्का और आरामदायक बना सकती है। वास्तु शास्त्र में घर के अलग-अलग हिस्सों और दिशाओं को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता के अनुसार, कुछ स्थानों पर लंबे समय तक टूटा-फूटा या बेकार सामान जमा रहने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर घर का उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण वास्तु में महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि इस हिस्से को साफ, हल्का और व्यवस्थित रखने से सकारात्मकता का संचार बना रहता है। हालांकि इन मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है, फिर भी घर को व्यवस्थित और साफ रखने से मानसिक रूप से अच्छा महसूस हो सकता है।
सबसे पहले पहचानें घर का ईशान कोणवास्तु के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा के बीच का हिस्सा ईशान कोण कहलाता है। इसे पहचानने के लिए आप कंपास की मदद ले सकती हैं और घर के इस हिस्से को देखकर तय कर सकती हैं कि वहां किस तरह का सामान रखा हुआ है। कई घरों में यह कोना स्टोर जैसा बन जाता है, जहां पुराने अखबार, टूटे डिब्बे, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और दूसरी बेकार चीजें जमा होती रहती हैं। वास्तु मान्यताओं में इस जगह को भारी और अव्यवस्थित रखने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए समय-समय पर इस हिस्से की सफाई करना उपयोगी हो सकता है।
टूटे और बेकार सामान को न बनाएं ढेरअक्सर हम सोचते हैं कि कोई सामान भविष्य में काम आ सकता है और उसे वर्षों तक संभालकर रखते रहते हैं। धीरे-धीरे यही चीजें घर में अनावश्यक अव्यवस्था पैदा कर देती हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार ईशान कोण में टूटे बर्तन, खराब फर्नीचर या बेकार इलेक्ट्रॉनिक चीजें जमा नहीं करनी चाहिए। जो सामान वास्तव में उपयोग का नहीं है, उसे अलग करने, रिसायकल करने या जरूरत के अनुसार हटाने की आदत बनाएं। इससे घर का यह हिस्सा खुला और व्यवस्थित दिखाई देगा।
हल्का और साफ रखें यह स्थानवास्तु में ईशान कोण को खुला और साफ रखने को अच्छा माना जाता है। आप इस हिस्से में जरूरत के अनुसार हल्की और उपयोगी चीजें रख सकती हैं, लेकिन जगह को बहुत ज्यादा भरने से बचें। पर्याप्त रोशनी और नियमित सफाई से घर का यह हिस्सा ज्यादा सुकून देने वाला लग सकता है। अगर यहां खिड़की है, तो समय-समय पर उसे खोलकर ताजी हवा आने दें। एक साफ और रोशन जगह घर के पूरे माहौल को भी बेहतर महसूस करा सकती है।
पूजा या शांत बैठने की जगह बना सकते हैंकई लोग वास्तु मान्यताओं के अनुसार ईशान कोण में पूजा का स्थान या ध्यान करने की छोटी-सी जगह बनाना पसंद करते हैं। अगर आपके घर की बनावट इसकी अनुमति देती है, तो इस हिस्से को शांत और व्यवस्थित रख सकती हैं। यहां बैठकर कुछ समय प्रार्थना, ध्यान या शांत तरीके से बिताना मानसिक रूप से सुकून देने वाला हो सकता है। हालांकि घर की जरूरत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही किसी भी जगह का इस्तेमाल करना चाहिए।
मान्यताओं के साथ व्यावहारिकता भी है जरूरीवास्तु से जुड़े नियम लोगों की व्यक्तिगत आस्था और परंपराओं पर आधारित होते हैं। घर में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए सिर्फ दिशा ही नहीं, बल्कि साफ-सफाई, अच्छी रोशनी, हवा और परिवार के लोगों के बीच का व्यवहार भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए वास्तु मान्यताओं को मानते हुए भी घर की सुरक्षा, सुविधा और अपनी जरूरतों को प्राथमिकता दें। एक साफ, व्यवस्थित और सुकून भरा घर किसी भी परिवार के लिए बेहतर महसूस करा सकता है।
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