वास्तु अनुसार टी-पॉइंट वाले घर का चयन: सही दिशा बदल सकती है किस्मत
By: Team Aapkisaheli | Posted: 22 Aug, 2026
वास्तु शास्त्र में घर के चयन को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अक्सर देखा जाता है कि जब लोग नया मकान खरीदते हैं या किराए पर लेते हैं तो उसके आसपास के वातावरण और सड़कों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हैं। यदि किसी घर के ठीक सामने आकर सड़क समाप्त होती है यानी वहां अंग्रेजी के अक्षर टी जैसी आकृति बनती है तो उसे टी-पॉइंट का मकान कहा जाता है। आम जनमानस में यह धारणा बनी हुई है कि ऐसे स्थान पर बना मकान हमेशा अनिष्टकारी होता है। हालांकि वास्तु सिद्धांतों के सूक्ष्म अध्ययन से पता चलता है कि हर टी-पॉइंट वाला घर बुरा नहीं होता बल्कि इसका प्रभाव सड़क के आने की दिशा और मुख्य द्वार की बनावट पर निर्भर करता है।
दिशाओं का गणित और सकारात्मक प्रभाव
वास्तु के नियमानुसार यदि सड़क उत्तर या पूर्व दिशा की ओर से आकर घर के सामने मिलती है तो इसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को धन और करियर में वृद्धि की दिशा माना गया है इसलिए इस ओर से आने वाली सड़क व्यापारिक और आर्थिक अवसरों को बढ़ा सकती है। वहीं पूर्व दिशा का संबंध सूर्य देव और ऊर्जा से होता है, जिसके कारण पूर्व दिशा में बनने वाला टी-पॉइंट सकारात्मक माहौल और प्रगति का कारक माना गया है। यदि घर का मुख्य द्वार भी इन अनुकूल दिशाओं में बना हो तो सड़क के सीधे प्रभाव को कम किया जा सकता है और घर में खुशहाली बनी रहती है।
सावधानी योग्य दिशाएं और प्रभाव
दूसरी ओर दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम दिशा से आने वाले टी-पॉइंट को लेकर वास्तु विशेषज्ञ सजग रहने की सलाह देते हैं। दक्षिण-पूर्व दिशा का संबंध अग्नि तत्व से होता है इसलिए यहां सीधी सड़क आने से घर के वातावरण में असंतुलन आ सकता है। इसी प्रकार दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता की दिशा माना जाता है जहां सामने से आती हुई सड़क मानसिक तनाव या कार्यों में रुकावट का कारण बन सकती है। यद्यपि इन बातों को किसी भी तरह से अंतिम परिणाम मानकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।
निर्णय लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें
किसी भी प्रॉपर्टी का चयन करते समय केवल टी-पॉइंट देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। घर का निर्माण मुख्य द्वार की दिशा कमरों की बनावट और प्राकृतिक रोशनी की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। केवल सड़क की स्थिति को किसी दुर्घटना या स्वास्थ्य समस्या का सीधा कारण मानना व्यावहारिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सही नहीं है। यदि आवश्यकता महसूस हो तो निर्माण से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ की सलाह लेकर संरचनात्मक संतुलन बनाया जा सकता है। निष्कर्ष यही है कि सही दिशा और बेहतर डिजाइन के साथ टी-पॉइंट वाला घर भी पूरी तरह सुखद और लाभदायक हो सकता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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