घर की सीढ़ियों से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान, वास्तु में इन्हें माना जाता है महत्वपूर्ण
By: Team Aapkisaheli | Posted: 21 Sep, 2026
घर बनाते समय कमरों, दरवाजों और रसोई के साथ सीढ़ियों की जगह पर भी खास ध्यान दिया जाता है। सीढ़ियां घर के एक हिस्से को दूसरे हिस्से से जोड़ने का काम करती हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इनके स्थान और बनावट को लेकर भी कई मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि सीढ़ियों की दिशा, उनकी संख्या और आसपास की व्यवस्था घर के माहौल पर प्रभाव डाल सकती है। यही वजह है कि नया घर बनवाते समय कई लोग सीढ़ियों से जुड़े वास्तु नियमों को ध्यान में रखते हैं। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी इन्हें पारंपरिक वास्तु विचारों के तौर पर देखा जाता है।
सीढ़ियों की दिशा को लेकर वास्तु में बताई गई है खास मान्यतावास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के लिए दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा को सामान्यतः उपयुक्त माना जाता है। वहीं उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियां बनाने से कई वास्तु परंपराएं बचने की सलाह देती हैं। हालांकि वास्तविक घर में सीढ़ियों की दिशा तय करते समय नक्शे, जगह की उपलब्धता और भवन की संरचना भी महत्वपूर्ण होती है।
सीढ़ियों की संख्यावास्तु में सीढ़ियों की संख्या को लेकर कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ परंपराओं में विषम संख्या में सीढ़ियां रखना शुभ माना जाता है और इसी आधार पर 11, 15, 17 या 21 जैसी संख्या को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि यह वास्तु की पारंपरिक मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सीढ़ियों की संख्या तय करते समय उनकी ऊंचाई, चौड़ाई और चढ़ने में सुविधा सबसे पहले देखना जरूरी है।
सीढ़ियों के नीचे कबाड़ जमा करने से बचेंघर में जगह बचाने के लिए लोग अक्सर सीढ़ियों के नीचे पुराने सामान, टूटे फर्नीचर या बेकार डिब्बे रखने लगते हैं। वास्तु मान्यताओं में सीढ़ियों के नीचे अव्यवस्था रखने से बचने की सलाह दी जाती है। व्यावहारिक तौर पर भी यह जगह साफ रखना बेहतर है, क्योंकि यहां धूल और नमी आसानी से जमा हो सकती है। अगर इस हिस्से का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए करना हो तो उसे व्यवस्थित और बंद कैबिनेट के रूप में बनाया जा सकता है।
सीढ़ियों पर पर्याप्त रोशनी सीढ़ियों का रास्ता हमेशा साफ और अच्छी रोशनी वाला होना चाहिए। वास्तु में भी उजले और व्यवस्थित स्थान को सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है। वहीं व्यावहारिक रूप से पर्याप्त रोशनी सीढ़ियों पर फिसलने या ठोकर लगने जैसे जोखिम को कम करने में मदद करती है। दिन में प्राकृतिक रोशनी और रात में पर्याप्त लाइट की व्यवस्था रखना बेहतर होता है।
सीढ़ियों का रास्ता अव्यवस्थित न रखेंसीढ़ियों पर जूते, डिब्बे, कपड़े या सजावटी सामान रखना देखने में भले छोटी बात लगे, लेकिन इससे आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वास्तु की मान्यताओं में भी रास्तों को साफ और बाधामुक्त रखने पर जोर दिया जाता है। इसलिए सीढ़ियों को हमेशा साफ रखें और रेलिंग मजबूत हो, इसका भी ध्यान रखें।सीढ़ियों से जुड़े वास्तु नियम पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाता। घर में सीढ़ियों की योजना बनाते समय वास्तु के साथ सुरक्षा, मजबूती, रोशनी और आने-जाने की सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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