दीपोत्सव 2026 पर अयोध्या में दिखा राममय माहौल, मालिनी अवस्थी बोलीं- हमारे डीएनए में बसे हैं राम
By: Team Aapkisaheli | Posted: 07 Nov, 2026

अयोध्या। अयोध्या दीपोत्सव 2026 को लेकर गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 5 लाख दीयों के कीर्तिमान से अब 30 लाख दीये जलने जा रहे हैं। यह देखना बेहद सुखद है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की अयोध्या वापसी ही दीपोत्सव है और परिवार का एक होना ही दीपावली है।
अयोध्या दीपोत्सव 2026 को लेकर गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा, अयोध्या हम सभी के दिल में बसती है। हम यहां रहे हैं, इसलिए दीपोत्सव में हर साल यहां आते हैं। यह देखना सुखद है कि पांच लाख दीपों के कीर्तिमान से अब 30 लाख दीप जलने जा रहे हैं। अच्छा लगता है कि अब इसी बहाने जितने भी लोग विश्व भर में प्रभु राम में आस्था रखते हैं, वे दीपावली का सच्चे मायनों में अर्थ समझ रहे हैं।
भगवान राम की अयोध्या वापसी ही दीपोत्सव है, परिवार का एक होना ही दीपावली है।
उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है और अयोध्या में तो इस समय, चूंकि राम मंदिर बन गया है, तो आप खुद ही देख रहे हैं। मैं आज जिस फ्लाइट में आई हूं, वह पूरी तरह पैक थी और उसमें अधिकतर यात्री कहना चाहिए श्रद्धालु, जो आ रहे थे, सब आजकल की भाषा में जिनको जेन-जी कहा जाता है, वे युवा थे।
मालिनी अवस्थी ने कहा कि प्रभु राम और उनके जीवन मूल्यों पर लोगों की श्रद्धा यही बताती है। देशभर से बल्कि विदेशों से भी रामलीलाएं आई हैं, जो रामलीला के माध्यम से राम के जीवन को दर्शाती हैं। पूरे देश और विदेश में रामलीला का व्यापक आयोजन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश सरकार का बहुत सुंदर प्रकल्प है, जो आज से 10 वर्ष पूर्व छोटी दीपावली के दिन विश्वभर की रामलीलाओं के मंचन के रूप में आरंभ किया गया था। बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं। रामलीला का मतलब आमतौर पर वही होता है जो लोगों ने गांवों और कस्बों में देखा है, लेकिन प्रभु राम की कथा की व्याप्ति पूरे विश्व में है।
मालिनी अवस्थी ने कहा कि इंडोनेशिया, श्रीलंका और रूस की रामलीलाएं हम लोगों ने यहां देखी हैं। यह देखना बड़ा सुखद है कि जब रूसी कलाकार माता कैकेयी और भगवान हनुमान का अभिनय करते हैं, तो यह कहीं न कहीं इस बात को साबित करता है कि रामकथा में भगवान राम के जो आदर्श हैं, वे किसी भी भाषा, किसी भी संस्कृति और विश्व के किसी भी कोने में अपनाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि क्योंकि कहीं न कहीं, हम कितना भी आगे बढ़ जाएं, कितनी भी तरक्की कर लें, जीवन में कितना भी प्राप्त कर लें, भोग-विलास में लिप्त रहें, लेकिन राम का जीवन एक आदर्श बनकर हम सबको झकझोरता और जगाता रहता है कि पुत्र हो तो ऐसा, राजा हो तो ऐसा, पति हो तो ऐसा और योद्धा हो तो ऐसा।
मालिनी अवस्थी ने कहा कि मुझे लगता है कि इसी कारण रामकथा हमेशा प्रासंगिक रहती है। अभी तो फिल्में भी आ गई हैं, फिर भी बार-बार हम रामलीला देखते हैं। हम सबको पता है कि राम के जीवन में क्या-क्या घटित हुआ, लेकिन फिर भी भरत मिलाप देखने की उत्कंठा रहती है।
शूर्पणखा का वन वाला प्रसंग देखने की इच्छा रहती है। धनुष यज्ञ को देखने पर आज भी तालियां बजती हैं।
उन्होंने कहा कि आखिर यह क्या है? यह कहीं न कहीं इस बात का प्रमाण है कि हम सबके डीएनए में रामकथा, रामजीवन, रामचरित्र, रामपरिवार और रामदरबार रचे-बसे हुए हैं। उसी की कहानी बार-बार हमें अपनी ओर आकर्षित करती है।
मालिनी अवस्थी ने कहा कि अयोध्या के बारे में यह बहुत सुखद बात है कि वह तो सदियों से महत्वपूर्ण रही है, लेकिन अब जिस तरह उसकी शोभा, उसकी भव्यता और उसकी गरिमा पूरे भारतवर्ष और दुनिया में अयोध्या के माध्यम से प्रकट हो रही है, उसके लिए मैं उत्तर प्रदेश सरकार और सीएम योगी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहूंगी। मैं आज यहां आई हूं। -आईएएनएस
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