स्किन केयर में हर ट्रेंड फॉलो करना जरूरी नहीं, अपनी त्वचा को समझकर चुनें सही रूटीन
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 Sep, 2026
सोशल मीडिया पर हर दिन स्किन केयर से जुड़ा कोई नया ट्रेंड देखने को मिल जाता है। कभी कोई नया सीरम वायरल होता है, तो कभी किसी खास इंग्रीडिएंट को ग्लोइंग स्किन का सीक्रेट बताया जाता है। ऐसे में हर ट्रेंड को आजमाने का मन होना स्वाभाविक है, लेकिन जरूरी नहीं कि जो चीज किसी और की त्वचा पर अच्छा असर कर रही है, वह आपकी स्किन के लिए भी सही हो। स्किन की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है और मौसम, उम्र, लाइफस्टाइल व स्किन टाइप के हिसाब से भी बदल सकती है। इसलिए सोशल मीडिया देखकर लगातार प्रोडक्ट बदलने के बजाय अपनी त्वचा के संकेतों को समझना ज्यादा जरूरी है। एक अच्छा स्किन केयर रूटीन वही है, जिसे आपकी त्वचा आराम से स्वीकार करे और जिसे आप नियमित रूप से फॉलो कर सकें।
वायरल इंग्रीडिएंट से पहले समझें अपनी स्किन की जरूरतकिसी प्रोडक्ट या इंग्रीडिएंट के वायरल होने का मतलब यह नहीं कि वह हर स्किन टाइप के लिए जरूरी है। अगर आपकी त्वचा रूखी रहती है, तो उसे हाइड्रेशन और मॉइस्चराइजिंग की ज्यादा जरूरत हो सकती है, जबकि ऑयली स्किन में हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट उपयोगी हो सकते हैं। इसी तरह संवेदनशील त्वचा पर बहुत सारे एक्टिव इंग्रीडिएंट एक साथ इस्तेमाल करना परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए नया प्रोडक्ट खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी स्किन को वास्तव में किस चीज की जरूरत है। ट्रेंड देखकर प्रोडक्ट चुनने के बजाय अपनी समस्या और स्किन टाइप को प्राथमिकता दें।
स्किन का मूड बदल रहा है तो रूटीन भी समझदारी से बदलेंस्किन हमेशा एक जैसी नहीं रहती। मौसम बदलने, तनाव, नींद की कमी या रोजमर्रा की आदतों का असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। गर्मियों में त्वचा ज्यादा ऑयली महसूस हो सकती है, जबकि ठंड के मौसम में ड्राईनेस बढ़ सकती है। ऐसे में पूरे साल एक ही रूटीन को आंख बंद करके फॉलो करने के बजाय जरूरत के अनुसार छोटे बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि हर बदलाव के साथ कई नए प्रोडक्ट जोड़ना जरूरी नहीं है। कई बार बेसिक क्लेंजर, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन जैसी चीजों को सही तरीके से इस्तेमाल करना ही पर्याप्त हो सकता है।
एक साथ कई एक्टिव्स लगाने की होड़ से बचेंग्लो जल्दी पाने के चक्कर में कई लोग एक ही रूटीन में अलग-अलग सीरम और एक्टिव इंग्रीडिएंट शामिल कर लेते हैं। शुरुआत में यह रूटीन बहुत आकर्षक लग सकता है, लेकिन त्वचा के लिए ज्यादा प्रोडक्ट हमेशा ज्यादा फायदा नहीं देते। कई एक्टिव्स एक साथ इस्तेमाल करने से जलन, लालिमा, ड्राईनेस या ब्रेकआउट जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए किसी नए एक्टिव को रूटीन में शामिल करते समय धीरे-धीरे शुरुआत करना बेहतर है। त्वचा को समय दें और देखें कि वह नए प्रोडक्ट को किस तरह रिस्पॉन्ड कर रही है।
हर चमकती त्वचा का रूटीन कॉपी करना जरूरी नहींसोशल मीडिया पर किसी की ग्लास स्किन देखकर वही रूटीन अपनाने का मन हो सकता है, लेकिन कैमरा, लाइटिंग, मेकअप और फिल्टर भी तस्वीर का हिस्सा हो सकते हैं। इसके अलावा हर व्यक्ति की त्वचा, जेनेटिक्स और लाइफस्टाइल अलग होती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन को अपना गोल बनाने के बजाय अपनी त्वचा को स्वस्थ और आरामदायक रखने पर ध्यान दें। अगर कोई रूटीन आपकी स्किन पर अच्छा काम कर रहा है, तो सिर्फ इसलिए उसे न बदलें क्योंकि इंटरनेट पर कोई नया ट्रेंड आ गया है।
ट्रेंड से ज्यादा जरूरी है रूटीन में कंसिस्टेंसी स्किन केयर में सबसे बड़ा बदलाव अक्सर किसी एक वायरल प्रोडक्ट से नहीं, बल्कि सही बेसिक रूटीन को नियमित रूप से अपनाने से आता है। चेहरे की सफाई, त्वचा को जरूरत के मुताबिक मॉइस्चराइज करना और दिन में सनस्क्रीन लगाना जैसी बेसिक आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। हर कुछ दिनों में प्रोडक्ट बदलने के बजाय अपनी त्वचा को समय दें। अगर किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, सूजन, खुजली या गंभीर ब्रेकआउट हो, तो उसे रोककर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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