1 of 1 parts

आपके बच्चे में छिपा है सुपर आर्टिस्ट जानिए सही उम्र और सीक्रेट टिप्स

By: Team Aapkisaheli | Posted: 23 Sep, 2026

आपके बच्चे में छिपा है सुपर आर्टिस्ट जानिए सही उम्र और सीक्रेट टिप्स
अक्सर जब बच्चे घर की दीवारों पर पेंटिंग बनाने लगते हैं टीवी के गानों पर नाचने लगते हैं या पढ़ाई छोड़कर बार बार कहानियां सुनाने आते हैं तो माता पिता इसे शरारत या पढ़ाई से जी चुराना मानकर डांट देते हैं। लेकिन रुकिए यह डांट आपके बच्चे की किस्मत और उसकी असल प्रतिभा को हमेशा के लिए दबा सकती है। ​हर बच्चा जीनियस होता है बस ज़रूरत है तो उस छिपे हुए हुनर को सही समय पर पहचानने और तराशने की।

​कैसे पहचानें अपने घर का छोटा मास्टरमाइंड


​समय का भूल जाना 


अगर आपका बच्चा खेल चित्रकारी सिंगिंग या डांस करते वक्त खाने पीने और समय का होश भूल जाता है तो समझ जाइए कि यह सिर्फ टाइमपास नहीं बल्कि उसका असली पैशन है।

दीवारों और कॉपियों पर क्रिएटिविटी 


किताबों के आड़े तिरछे कोनों या घर की दीवारों पर बनी ड्राइंग्स उसके अंदर के आर्टिस्ट का पहला कदम होती हैं।


एक्टिंग और नकल उतारना 


अगर बच्चा घर के सदस्यों शिक्षकों या टीवी किरदारों की हूबहू नकल उतारता है तो उसमें बेहतरीन एक्टिंग या ड्रामा स्किल्स छिपी हो सकती हैं।


बात बात में म्यूज़िक ढूँढना 


बर्तन बजाकर रिदम बनाना हर धुन पर थिरकना या गाने की पंक्तियाँ गुनगुनावना संगीत में उसकी गहरी रुचि को दर्शाता है।


​ट्रेनिंग शुरू करने की गोल्डन एज

​विशेषज्ञों और चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट्स के अनुसार बच्चों को उनकी पसंद के क्षेत्र में 5 से 6 साल की उम्र से ही ट्रेनिंग दिलाना शुरू कर देना चाहिए।


​क्यों ज़रूरी है 5 से 6 साल की उम्र 


बढ़ती उम्र के साथ स्कूल के सिलेबस और पढ़ाई का दबाव बढ़ने लगता है। अगर शुरुआती उम्र में ही उन्हें सही गाइडेंस मिल जाए तो कला उनका स्ट्रेस बस्टर यानी तनाव दूर करने का जरिया भी बनती है और भविष्य का मजबूत करियर ऑप्शन भी।


​माता पिता ध्यान दें पेरेंटिंग के 3 गोल्डन रूल्स


​ दोस्त बनें टीचर नहीं

 बच्चे से रोज़ पूछें कि आज उसने किस एक्टिविटी में सबसे ज़्यादा एन्जॉय किया। उसे अपनी कला आपको दिखाने के लिए प्रेरित करें।


 बदलती रुचि से घबराएँ नहीं 

अगर 6 साल का बच्चा आज ड्राइंग पसंद कर रहा है और 8 साल की उम्र में उसका मन स्पोर्ट्स या म्यूज़िक में लगने लगे तो इसे समय की बर्बादी न समझें। इससे बच्चा मल्टी टैलेंटेड बनता है।

 तुलना और दबाव से बचें 


शर्मा जी का लड़का पढ़ाई में नंबर 1 है जैसी बातें बच्चे के आत्मविश्वास को तोड़ देती हैं। उस पर कभी अपनी पसंद न थोपें।


​बॉटम लाइन


सफलता सिर्फ किताबों के पन्नों में नहीं बल्कि लगन और खुशी में छिपी होती है। अपने बच्चे की खुशी को पहचानिए उसके सपनों को पंख दीजिए और उसे अपनी एक अलग पहचान बनाने दीजिए।

हेमलता शर्मा जयपुर

#क्या देखा अपने: दीपिका पादुकोण का ग्लैमर अवतार


Career option

Mixed Bag

News

रश्मि देसाई की टीवी पर वापसी, बोलीं- कमबैक नहीं बल्कि सही मकसद वाले किरदार का था इंतजार
रश्मि देसाई की टीवी पर वापसी, बोलीं- कमबैक नहीं बल्कि सही मकसद वाले किरदार का था इंतजार

Ifairer


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0