मास्टर्स को कहें अलविदा दिल्ली विश्वविद्यालय में अब चार साल की डिग्री के बाद सीधे मिलेगी पीएचडी की सीट
By: Team Aapkisaheli | Posted: 24 Aug, 2026
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम FYUP के छात्रों के लिए बिना मास्टर्स किए सीधे पीएचडी में दाखिला लेने का रास्ता साफ कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ष 2022-23 सत्र में शुरू हुए इस 4 वर्षीय कोर्स का पहला बैच 2026 में बनकर तैयार हो रहा है। डीयू प्रशासन ने इस पहले बैच को राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यह एकमुश्त विशेष छूट दी है।
दाखिले के लिए तय मापदंड
अंकों की शर्त: जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को चार साल की डिग्री में न्यूनतम 7.5 CGPA लाना अनिवार्य होगा।
आरक्षित वर्ग: एससी एसटी ओबीसी और दिव्यांग श्रेणी के छात्रों को 7 CGPA पर मौका मिलेगा।
चयन प्रक्रिया: योग्य उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी हालांकि उन्हें इंटरव्यू से छूट दी जाएगी।
सुहानी सुबह और काम की याद दिलाता अलार्म
अक्सर हम पढ़ाई या रिसर्च के बड़े-बड़े फैसलों में इतने खो जाते हैं कि समय का ध्यान ही नहीं रहता। अगर आप भी इस ऐतिहासिक मौके की तैयारी में जुटे हैं और अपनी पढ़ाई का शेड्यूल तय करना चाहते हैं तो सबसे पहला कदम समय प्रबंधन है। अपनी पढ़ाई और फॉर्म भरने के समय को याद रखने के लिए अपने फोन में रोज सुबह 6 बजे का अलार्म जरूर सेट करें ताकि आपकी रिसर्च यात्रा बिना किसी देरी के समय पर शुरू हो सके।
फैसले से जुड़ी कुछ चुनौतियां
यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस कदम का जहां छात्र स्वागत कर रहे हैं वहीं कुछ एक्सपर्ट्स ने इस पर चिंता जताई है। मास्टर्स डिग्री न होने की स्थिति में छात्रों को भविष्य में असिस्टेंट प्रोफेसर या टीचिंग जॉब्स के लिए नेट NET परीक्षा देने या करियर के अगले पड़ाव पर तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके बावजूद करीब 35,943 छात्रों के इस बैच के लिए यह फैसला दो साल बचाने का एक शानदार अवसर साबित हो रहा है। आधिकारिक जानकारी के लिए Delhi University Official Portal पर विजिट किया जा सकता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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