दवाइयों को सिरहाने या बिस्तर के नीचे रखना सेहत और मानसिक शांति के लिए क्यों सही नहीं है
By: Team Aapkisaheli | Posted: 23 Sep, 2026
अक्सर देखा जाता है कि लोग सहूलियत के लिए अपनी रोज़ाना की दवाइयों को तकिए के नीचे, सिरहाने या बेड के बक्से में रख देते हैं। रात के समय अचानक दवा की ज़रूरत पड़ने पर परेशानी न हो यही सोचकर ज़्यादातर लोग ऐसा करते हैं। हालांकि जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सिद्धांतों के अनुसार सोने की जगह का सीधा संबंध शरीर और मन के विश्राम से होता है। ऐसे में दवाइयों को लगातार अपने सोने के स्थान के बिल्कुल करीब रखना कई मायनों में उचित नहीं माना जाता।
शयनकक्ष का माहौल पूरी तरह से स्वच्छ व्यवस्थित और तनावमुक्त होना चाहिए। दवाइयां मुख्य रूप से किसी न किसी बीमारी और इलाज का प्रतीक होती हैं। जब ये दवाइयां या मेडिकल फाइलें सिरहाने रखी रहती हैं, तो व्यक्ति का अवचेतन मन बार-बार अपनी बीमारी या खराब सेहत के बारे में सोचता रहता है। लगातार इस तरह के विचार मन में रहने से इंसान मानसिक रूप से पूरी तरह से शांत नहीं हो पाता। इसका सीधा असर उसकी नींद पर पड़ता है और अनिद्रा बेचैनी या तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
इसके अलावा बेड के नीचे या बंद बक्से में दवाइयां रखने के व्यावहारिक नुकसान भी हैं। बिस्तर के आसपास या नीचे धूल नमी और गर्माहट अधिक होती है। यदि दवाइयों की पैकिंग खुली रह जाए या वे सही तापमान में न रखी जाएं तो उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा रहता है। चिकित्सीय दृष्टिकोण से भी सभी दवाओं को एक सुरक्षित सूखी और सही तापमान वाली जगह पर रखना बहुत आवश्यक होता है।
यदि आपको रात में दवाइयों की तुरंत ज़रूरत पड़ती है तो उन्हें सिरहाने या तकिए के नीचे रखने के बजाय कमरे की किसी साफ मेज या बंद ड्रॉअर में रखें। दवाइयों को एक ढके हुए बॉक्स में व्यवस्थित तरीके से रखना सबसे बेहतर विकल्प है। इससे आपकी सेहत संबंधी वस्तुएं सुरक्षित भी रहेंगी और आपका शयनकक्ष एक शांत और सकारात्मक माहौल देने में मदद करेगा।
हेमलता शर्मा
#पहने हों कछुआ अंगूठी तो नहीं होगी पैसों की तंगी...