पीरियड्स में कमजोरी और थकान से हो जाती है हालत खराब, तो ऐसे रखें अपना ध्यान
By: Team Aapkisaheli | Posted: 29 Sep, 2026
पीरियड्स के दिनों में पेट दर्द, मूड में बदलाव और असहजता के साथ कई महिलाओं को कमजोरी और थकान भी महसूस होती है। कुछ लोगों में यह परेशानी इतनी ज्यादा हो सकती है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल लगने लगता है। इस दौरान शरीर को आराम, पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है। खासकर अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो रही हो, तो आयरन की कमी जैसी समस्या भी थकान और कमजोरी में भूमिका निभा सकती है। इसलिए इन दिनों खुद को सामान्य दिनों की तरह लगातार व्यस्त रखने के बजाय शरीर के संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। थोड़े-से बदलाव जैसे समय पर खाना, पर्याप्त नींद, हल्की गतिविधि और शरीर को हाइड्रेट रखना पीरियड्स के दौरान बेहतर महसूस करने में मदद कर सकते हैं।
खाना न छोड़ें, प्लेट में पोषण बढ़ाएंपीरियड्स के दौरान कमजोरी महसूस हो तो लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें। खाने में दाल, चना, राजमा, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे या अन्य प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। आयरन वाले भोजन के साथ विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे आंवला, संतरा, अमरूद या नींबू लेना आयरन के अवशोषण में मदद कर सकता है। बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड या सिर्फ मीठे स्नैक्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित भोजन लेना ज्यादा उपयोगी रहता है।
पानी और तरल पदार्थों की कमी न होने देंपीरियड्स के दौरान पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। कम पानी पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे थकान या सिरदर्द जैसी परेशानी और महसूस हो सकती है। दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। अगर सादा पानी पसंद नहीं है तो बिना ज्यादा चीनी वाला नींबू पानी या सूप जैसे तरल विकल्प भी लिए जा सकते हैं। बहुत ज्यादा कैफीन वाले पेय पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय पानी और पौष्टिक तरल चीजों को प्राथमिकता देना बेहतर है।
नींद और आराम को बिल्कुल नजरअंदाज न करेंइन दिनों शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों और दर्द के कारण नींद प्रभावित हो सकती है, जिससे दिनभर थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। इसलिए रात में पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें और जरूरत लगे तो दिन में थोड़ी देर आराम भी करें। अगर काम या घर की जिम्मेदारियों के बीच शरीर बहुत थका हुआ महसूस कर रहा है, तो हर काम को तुरंत पूरा करने का दबाव न लें। पर्याप्त आराम शरीर को रिकवर होने में मदद करता है।
पूरी तरह निष्क्रिय रहने के बजाय हल्की गतिविधि करेंअगर शरीर साथ दे रहा हो तो हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या आरामदायक योग किया जा सकता है। बहुत ज्यादा दर्द या कमजोरी होने पर खुद को एक्सरसाइज के लिए मजबूर करने की जरूरत नहीं है। हल्की गतिविधि कुछ लोगों को शरीर में जकड़न और असहजता कम महसूस करने में मदद कर सकती है। इन दिनों अपने शरीर की क्षमता के अनुसार गतिविधि चुनना ज्यादा जरूरी है।
बार-बार या बहुत ज्यादा कमजोरीहर बार पीरियड्स में बहुत ज्यादा कमजोरी को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो, पीरियड्स लंबे चलें, चक्कर आएं, सांस फूलने लगे या थकान इतनी हो कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लगातार ज्यादा ब्लीडिंग की स्थिति में आयरन की कमी या एनीमिया जैसी समस्या हो सकती है, जिसकी जांच और उचित इलाज डॉक्टर की सलाह से ही किया जाना चाहिए।
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