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दादी-नानी के स्वाद की याद दिलाएंगी ये देसी डिशेज, एक बार बनाएं और तारीफ पाएं

By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 Sep, 2026

दादी-नानी के स्वाद की याद दिलाएंगी ये देसी डिशेज, एक बार बनाएं और तारीफ पाएं
आज के समय में किचन में नई-नई रेसिपीज ट्राई करने का चलन काफी बढ़ गया है, लेकिन देसी खाने का स्वाद आज भी अपनी अलग जगह रखता है। दादी-नानी के हाथों से बने खाने में कुछ ऐसा खास होता था, जिसकी खुशबू से ही घर का माहौल बदल जाता था। साधारण मसालों और घर में मौजूद चीजों से तैयार ये व्यंजन स्वाद में भरपूर होने के साथ यादों से भी जुड़े होते हैं। कई ऐसी पारंपरिक डिशेज हैं जो अब रोज की थाली से धीरे-धीरे गायब होती जा रही हैं। अगर आपको भी पुराने जमाने के खाने का स्वाद याद आता है तो इन देसी रेसिपीज को अपनी किचन में जगह दे सकते हैं। इनका स्वाद परिवार के बड़े-बुजुर्गों को पुरानी यादों में ले जाएगा और बच्चों को भी देसी खाने से जोड़ने का अच्छा मौका मिलेगा।  बाजरे की खिचड़ी में घी का देसी तड़का
सर्दियों के दिनों में बाजरे की खिचड़ी का स्वाद अपने आप में बेहद खास लगता है। बाजरे को अच्छी तरह पकाकर इसमें मूंग दाल और हल्के मसाले मिलाए जाते हैं, जिसके बाद ऊपर से देसी घी का तड़का इसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ा देता है। इसे आप दही, छाछ, अचार या गुड़ के साथ परोस सकते हैं। यह ऐसी डिश है जिसमें बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन सही तरीके से पकाने पर इसका स्वाद बेहद रिच लगता है। खास बात यह है कि इसे मिट्टी या भारी तले वाले बर्तन में धीमी आंच पर पकाने से पुराने जमाने वाला स्वाद महसूस हो सकता है।
सरसों के साग के साथ बनाएं मक्के की रोटी
मक्के की रोटी और सरसों का साग देसी खाने की उन जोड़ियों में शामिल है, जिनका नाम सुनते ही गांव-घर के खाने की याद आने लगती है। साग में सरसों के साथ दूसरे हरे पत्तों का इस्तेमाल करके इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। ऊपर से मक्खन या घी डालकर गरम-गरम रोटी के साथ परोसें तो स्वाद और भी बढ़ जाता है। इसे बनाने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद जल्दी बनने वाली डिशेज से बिल्कुल अलग होता है। परिवार के साथ बैठकर इसे खाना पुराने समय की थाली जैसा एहसास दे सकता है।
कढ़ी में डालें पकौड़ी का स्वाद
दही और बेसन से बनने वाली कढ़ी भारतीय घरों की पुरानी पसंदीदा डिश रही है। इसमें बेसन की नरम पकौड़ियां डालकर जब इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है तो मसालों का स्वाद कढ़ी में अच्छी तरह उतर जाता है। ऊपर से जीरा, हींग और लाल मिर्च का तड़का इसकी खुशबू को और खास बना देता है। गरम चावल के साथ परोसी गई कढ़ी का स्वाद ऐसा होता है जिसे एक बार खाने के बाद बार-बार बनाने का मन कर सकता है। घर के हिसाब से मसालों की मात्रा कम या ज्यादा करके इसे अपनी पसंद के अनुसार तैयार किया जा सकता है।
मसालेदार आलू की सूखी सब्जी के साथ पूरी
कभी-कभी बेहद साधारण सामग्री से बनी डिश ही सबसे ज्यादा याद रह जाती है। मसालेदार सूखे आलू की सब्जी इसका अच्छा उदाहरण है। उबले आलू को जीरा, हींग, सौंफ, धनिया और लाल मिर्च जैसे मसालों के साथ भूनकर तैयार किया जाता है। इसे गरम पूरी या पराठे के साथ परोसें तो यह नाश्ते से लेकर दोपहर के खाने तक के लिए शानदार विकल्प बन सकती है। इसमें टमाटर या प्याज डालना जरूरी नहीं, क्योंकि मसालों और आलू का देसी मेल ही इसका असली स्वाद तैयार करता है।
गुड़ और आटे का मीठा स्वाद देगा देसी सुख
मीठे में हमेशा महंगे सामान की जरूरत नहीं होती। गेहूं के आटे और गुड़ से तैयार होने वाला देसी सुख ऐसी मिठाई है जो कम सामग्री में घर की मिठास बढ़ा सकती है। आटे को घी में अच्छी तरह भूनकर उसमें गुड़ मिलाया जाता है और चाहें तो थोड़े सूखे मेवे भी डाले जा सकते हैं। इसका स्वाद हलवा जैसा होता है, लेकिन गुड़ की वजह से इसमें अलग देसी मिठास आती है। त्योहार या किसी खास मौके का इंतजार किए बिना भी इसे बनाया जा सकता है। गरमागरम परोसने पर इसकी खुशबू पूरे घर को पारंपरिक मिठास से भर देती है।

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