घर पर ही उगाएं औषधीय गुणों से भरपूर दालचीनी का पौधा जानें गमला तैयार करने से लेकर देखभाल का सही तरीका
By: Team Aapkisaheli | Posted: 03 Aug, 2026
गमले में दालचीनी का पौधा उगाना बहुत ही आसान है और इसकी पत्तियां आपके किचन गार्डन में एक बेहतरीन खुशबू घोल सकती हैं। अगर आप भी घर पर यह उपयोगी और औषधीय पौधा लगाना चाहते हैं तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इसे आसानी से उगा सकते हैं।
गमला और सही मिट्टी का चुनावदालचीनी उगाने के लिए शुरुआत में दस से बारह इंच का ऐसा गमला चुनें जिसमें पानी की निकासी के लिए छेद हो। इसके लिए हल्की और उपजाऊ मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है। सही मिट्टी तैयार करने के लिए चालीस प्रतिशत बगीचे की मिट्टी तीस प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या सड़ी हुई गोबर की खाद, बीस प्रतिशत बालू रेत और दस प्रतिशत कोकोपीट को आपस में मिला लें। यह मिश्रण जड़ों को सड़ने से बचाएगा और पौधे को जरूरी पोषण देगा।
बीज की जगह पौधा लगाना बेहतरबीज से दालचीनी उगाने में काफी लंबा समय लगता है। इसलिए किसी भरोसेमंद नर्सरी से अच्छी गुणवत्ता का छोटा पौधा खरीदना एक बेहतर विकल्प है। पौधे को गमले में लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसकी जड़ों को कोई नुकसान न पहुंचे और मिट्टी को हल्के हाथों से ही दबाएं।
धूप और सिंचाई की सही तकनीकदालचीनी के पौधे को रोजाना चार से छह घंटे की हल्की धूप की जरूरत होती है। इसे दोपहर की बहुत तेज और कड़क धूप से बचाकर रखें। पौधे में पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत पूरी तरह सूखी लगे। गमले में बहुत ज्यादा पानी देने से फंगल इंफेक्शन और जड़ें गलने की समस्या हो सकती है।
प्राकृतिक खाद का इस्तेमालपौधे की बेहतर ग्रोथ के लिए हर एक से डेढ़ महीने में वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद डालें। रासायनिक खादों के इस्तेमाल से बचें क्योंकि जैविक खाद पौधे को लंबे समय तक स्वस्थ रखती है और नुकसान नहीं पहुंचाती।
देखभाल और सुरक्षासूखी और पीली पत्तियों या कमजोर टहनियों की समय समय पर कटाई करते रहें। अगर पौधे में कीड़े लगने की समस्या दिखाई दे तो नीम के तेल का छिड़काव करें। नीम का तेल एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है जो पौधे को नुकसान पहुंचाए बिना कीटों को दूर रखता है।
दालचीनी के पौधे से जुडी खास और दिलचस्प बातेंदालचीनी की पत्तियां भी बेहद खास होती हैं। इन्हें सुखाकर तेजपत्ते की तरह खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि इनमें भी दालचीनी जैसी बेहतरीन खुशबू होती है।
यह पौधा घर के आसपास की हवा को साफ और महकदार बनाए रखने में मदद करता है।
जब पौधा तीन से चार साल पुराना और बड़ा हो जाता है तब इसकी मुख्य टहनियों की छाल निकालकर सुखा ली जाती है और वही छाल रसोई में इस्तेमाल होने वाली असली दालचीनी बनती है।
घर पर दालचीनी का पौधा लगाकर आप न सिर्फ अपने किचन गार्डन को खूबसूरत बना सकते हैं बल्कि ताजी पत्तियों और छाल का प्राकृतिक स्वाद भी ले सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
#परिणीती का मस्त Style देखकर आप भी कहेंगे हाय!