मानसून में हो जाता है सर्दी जुकाम, बिना दवाइयों के इस तरह खोलें बंद नाक
By: Team Aapkisaheli | Posted: 23 July, 2026
मानसून का मौसम राहत और ठंडक लेकर आता है, लेकिन इसके साथ सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बंद नाक जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। मौसम में अचानक बदलाव, बढ़ी हुई नमी और वायरल संक्रमण के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। खासतौर पर जब नाक बंद हो जाती है, तो न केवल दिनभर बेचैनी रहती है बल्कि रात की नींद भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता। हल्के जुकाम और नाक बंद होने की स्थिति में कुछ घरेलू और प्राकृतिक उपाय राहत पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या गंभीर हों, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
भाप लेने से मिल सकती है राहतनाक बंद होने पर भाप लेना सबसे लोकप्रिय घरेलू उपायों में से एक माना जाता है। एक बर्तन में गर्म पानी लें और सावधानीपूर्वक उसकी भाप लें। गर्म भाप नाक के रास्तों में जमा बलगम को पतला करने में मदद कर सकती है, जिससे सांस लेना आसान महसूस हो सकता है। चाहें तो पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी या पुदीने का तेल भी मिला सकते हैं। दिन में दो से तीन बार भाप लेने से कई लोगों को आराम महसूस होता है। हालांकि बच्चों और बुजुर्गों के साथ यह उपाय करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्म पेय पदार्थ रखें शरीर को आरामदायकसर्दी-जुकाम के दौरान गर्म पानी, अदरक की चाय या तुलसी का काढ़ा पीना फायदेमंद माना जाता है। गर्म तरल पदार्थ गले को आराम देने के साथ-साथ नाक में जमे म्यूकस को ढीला करने में मदद कर सकते हैं। अदरक, तुलसी और शहद जैसे पारंपरिक घरेलू तत्व लंबे समय से सर्दी-जुकाम के दौरान उपयोग किए जाते रहे हैं। हालांकि यह इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन हल्की परेशानी में आराम महसूस कराने में सहायक हो सकते हैं।
पर्याप्त पानी और आराम है जरूरीजब शरीर संक्रमण से लड़ रहा होता है, तब उसे पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन की जरूरत होती है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में नमी बनी रहती है और नाक व गले की सूखी झिल्ली को आराम मिल सकता है। साथ ही पर्याप्त नींद लेने से शरीर की प्राकृतिक रिकवरी प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम कर सकती है। कई बार लोग सर्दी-जुकाम में भी अपनी दिनचर्या नहीं बदलते, जिससे परेशानी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
कमरे की नमी और सफाई पर दें ध्यानमानसून में घर के अंदर नमी बढ़ने से भी एलर्जी और बंद नाक की समस्या बढ़ सकती है। कमरे को साफ रखें और जहां संभव हो वहां ताजी हवा का आवागमन बनाए रखें। धूल, फफूंदी और सीलन कई लोगों में नाक बंद होने की परेशानी बढ़ा सकती है। यदि नाक बंद होने के साथ तेज बुखार, सांस लेने में अधिक दिक्कत या लक्षण कई दिनों तक बने रहें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होता है। सही देखभाल और आराम के साथ मानसून में सर्दी-जुकाम की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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