आप भी हैं स्लिप शेमिंग का है शिकार, तो इस तरह बदलें अपना रूटीन
By: Team Aapkisaheli | Posted: 15 July, 2026
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात तक काम करना, कम सोना और इसे मेहनत की निशानी मानना एक आम बात बन गई है। कई लोग पर्याप्त नींद लेने वालों का मजाक उड़ाते हैं या उन्हें आलसी समझते हैं। इसी व्यवहार को स्लीप शेमिंग कहा जाता है। इसका असर धीरे-धीरे व्यक्ति की नींद, मानसिक स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। कई लोग दूसरों की बातों के दबाव में अपनी नींद से समझौता करने लगते हैं, जबकि अच्छी नींद स्वस्थ जीवन का एक अहम हिस्सा है। अगर आप भी अक्सर अपनी नींद कम कर देते हैं या पर्याप्त आराम करने में अपराधबोध महसूस करते हैं, तो अब समय है अपनी दिनचर्या बदलने का।
नींद को दें उतनी ही अहमियत जितनी काम कोअच्छी नींद कोई आलस नहीं, बल्कि शरीर और दिमाग की जरूरत है। वयस्कों के लिए आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद फायदेमंद मानी जाती है, हालांकि यह व्यक्ति की उम्र और जरूरत के अनुसार अलग हो सकती है। अगर आप लगातार नींद पूरी नहीं करेंगे, तो थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी और काम करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसलिए दूसरों की राय से ज्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और पर्याप्त नींद लेने की आदत विकसित करें।
हर दिन तय समय पर सोएं और उठेंबेहतर नींद के लिए सबसे जरूरी है कि आपकी स्लीप रूटीन नियमित हो। रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें, चाहे छुट्टी का दिन ही क्यों न हो। इससे शरीर की बॉडी क्लॉक संतुलित रहती है और रात में जल्दी नींद आने में मदद मिलती है। अगर आपकी दिनचर्या अनियमित है, तो धीरे-धीरे सोने और उठने का समय तय करें, ताकि शरीर नई आदत को आसानी से अपना सके।
सोने से पहले स्क्रीन टाइम करें कममोबाइल, लैपटॉप और टीवी का ज्यादा इस्तेमाल आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है। सोने से कम से कम 30 से 60 मिनट पहले स्क्रीन से दूरी बनाने की कोशिश करें। इसकी जगह किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना, ध्यान लगाना या गहरी सांस लेने जैसे रिलैक्सेशन अभ्यास अपनाएं। इससे मन शांत होता है और शरीर को यह संकेत मिलता है कि अब आराम करने का समय है।
अपनी सेहत को प्राथमिकता देंअगर कोई व्यक्ति आपकी पर्याप्त नींद लेने की आदत का मजाक उड़ाता है, तो उसे अपनी दिनचर्या बदलने का कारण न बनने दें। हर व्यक्ति की जीवनशैली, काम और शरीर की जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए अपनी नींद की तुलना दूसरों से करने के बजाय अपने शरीर के संकेतों को समझें। अगर पर्याप्त नींद लेने के बावजूद लंबे समय तक थकान, दिन में अत्यधिक नींद आना या रात में बार-बार नींद टूटने जैसी समस्या बनी रहती है, तो किसी योग्य डॉक्टर या स्लीप विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें, अच्छी नींद बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और उत्पादक जीवन की सबसे मजबूत नींव होती है।
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