घर में तस्वीरें लगाते समय सिर्फ सुंदरता न देखें, वास्तु के अनुसार विषय और दिशा भी है मायने
By: Team Aapkisaheli | Posted: 19 Sep, 2026
घर को सजाने के लिए तस्वीरों और पेंटिंग्स का इस्तेमाल लगभग हर कोई करता है। कोई प्रकृति से जुड़ी तस्वीरें पसंद करता है, तो किसी को देवी-देवताओं की तस्वीरें या परिवार की यादों से जुड़ी तस्वीरें अच्छी लगती हैं। तस्वीरें घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ कमरे के माहौल को भी खास बना सकती हैं। वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं में भी तस्वीरों को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिनमें तस्वीर के विषय के साथ उसकी दिशा और जगह को महत्व दिया जाता है। हालांकि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन घर सजाते समय इन बातों को ध्यान में रखना कई लोगों के लिए सांस्कृतिक और पारंपरिक पसंद का हिस्सा हो सकता है। वहीं व्यावहारिक तौर पर भी यह जरूरी है कि तस्वीर घर की जगह, रोशनी और सजावट के साथ संतुलित लगे। इसलिए केवल तस्वीर की सुंदरता नहीं, उसकी जगह और विषय पर भी ध्यान दें।
प्रकृति की तस्वीरों से घर में बनाएं शांत माहौलप्रकृति से जुड़ी तस्वीरें घर की सजावट में काफी पसंद की जाती हैं। हरे-भरे पेड़, फूल, शांत झील या उगते सूरज जैसे दृश्य कमरे को खुला और सुकूनभरा एहसास दे सकते हैं। वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं में भी प्राकृतिक दृश्यों को सकारात्मक वातावरण से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी तस्वीरों को लिविंग रूम या ऐसे स्थान पर लगाया जा सकता है जहां परिवार के लोग ज्यादा समय बिताते हों। ध्यान रखें कि तस्वीर की थीम कमरे की बाकी सजावट से भी मेल खाती हो।
घर में तस्वीर की दिशा चुनते समय रखें संतुलनवास्तु मान्यताओं में अलग-अलग दिशाओं को अलग महत्व दिया जाता है और तस्वीरों के लिए भी दिशा के आधार पर सुझाव मिलते हैं। उदाहरण के तौर पर प्राकृतिक दृश्यों या हल्के रंगों वाली तस्वीरों को पूर्व या उत्तर दिशा से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इसे निश्चित नियम की तरह लेने की जरूरत नहीं है। तस्वीर लगाते समय कमरे की दीवार, रोशनी, फर्नीचर और देखने की सुविधा को भी ध्यान में रखें। सजावट ऐसी होनी चाहिए कि तस्वीर कमरे पर हावी होने के बजाय बाकी चीजों के साथ संतुलित दिखाई दे।
बेडरूम में तस्वीर चुनते समय भावनात्मक असर भी सोचेंबेडरूम आराम और निजी समय की जगह है, इसलिए यहां ऐसी तस्वीरें लगाना बेहतर माना जाता है जो मन को शांत महसूस कराएं। कपल चाहें तो अपनी साथ की कोई खूबसूरत याद या शांत प्रकृति का दृश्य लगा सकते हैं। बहुत ज्यादा डरावने, हिंसक या तनाव पैदा करने वाले दृश्यों से बचना व्यावहारिक रूप से भी अच्छा विचार हो सकता है। कमरे की थीम के अनुसार हल्के और सुकून देने वाले रंगों वाली तस्वीरें ज्यादा सहज माहौल बना सकती हैं।
देवी-देवताओं की तस्वीरों के लिए रखें सम्मान का ध्यानधार्मिक तस्वीरें लगाते समय सिर्फ वास्तु ही नहीं, उनसे जुड़ी आस्था और सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए। इन्हें ऐसी जगह रखने से बचें जहां आसपास अनावश्यक सामान, जूते-चप्पल या गंदगी रहती हो। कई परिवार पूजा या धार्मिक तस्वीरों के लिए घर में एक साफ और व्यवस्थित स्थान तय करते हैं। तस्वीर को जमीन पर या बहुत नीचे रखने के बजाय उचित ऊंचाई पर रखना भी सजावट और सम्मान, दोनों के लिहाज से बेहतर रहता है।
युद्ध, उदासी या हिंसा वाले दृश्यों से बचनावास्तु की कुछ पारंपरिक मान्यताओं में हिंसा, युद्ध, डूबते सूरज, उजाड़ स्थान या अत्यधिक उदासी वाले दृश्यों को घर की सजावट के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। वैज्ञानिक रूप से इनके किसी निश्चित वास्तु प्रभाव का प्रमाण नहीं है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर ऐसी तस्वीरें कमरे के मूड को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए घर में ऐसी तस्वीरें चुनें जिन्हें देखकर आपको और परिवार के सदस्यों को सहज और अच्छा महसूस हो।
तस्वीर से ज्यादा जरूरी है घर का संतुलित माहौलवास्तु के नियमों को मानना व्यक्तिगत विश्वास का विषय है। घर में तस्वीर लगाते समय सबसे जरूरी है कि वह सुरक्षित तरीके से लगी हो, दीवार और कमरे के आकार के अनुसार हो और परिवार को पसंद आए। टूटे फ्रेम, धूल भरी तस्वीर या खराब स्थिति में लगी सजावट घर की खूबसूरती जरूर कम कर सकती है। इसलिए समय-समय पर तस्वीरों की सफाई करें और जरूरत के अनुसार उन्हें व्यवस्थित करते रहें। सुंदरता, उपयोगिता और व्यक्तिगत पसंद का संतुलन ही घर की सजावट को खास बनाता है।
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