Parenting Tips: किताब खोलते ही आपके बच्चों को आती है नींद, तो करें ये काम
By: Team Aapkisaheli | Posted: 20 Apr, 2026
कई माता-पिता की यह आम शिकायत होती है कि जैसे ही बच्चा पढ़ने के लिए किताब खोलता है, उसे नींद आने लगती है। पढ़ाई में मन न लगना, जल्दी थकान महसूस होना या ध्यान भटकना आजकल बच्चों में काफी आम हो गया है। इसका कारण सिर्फ आलस नहीं होता, बल्कि गलत रूटीन, पढ़ाई का दबाव या पढ़ने का बोरिंग तरीका भी हो सकता है। ऐसे में बच्चों को डांटने के बजाय उनकी समस्या को समझना ज्यादा जरूरी है। अगर सही तरीके से पढ़ाई की आदत डाली जाए, तो बच्चे न सिर्फ जागकर पढ़ेंगे, बल्कि पढ़ाई में रुचि भी लेने लगेंगे। कुछ आसान और असरदार टिप्स अपनाकर आप इस समस्या को काफी हद तक दूर कर सकते हैं।
पढ़ाई का सही समय और माहौल तय करेंबच्चों के लिए पढ़ाई का एक निश्चित समय और शांत माहौल होना बहुत जरूरी है। अगर बच्चा बहुत ज्यादा थका हुआ है या नींद में है, तो उस समय पढ़ाई कराने से वह और ज्यादा उनींदा महसूस करेगा। इसलिए ऐसा समय चुनें, जब बच्चा फ्रेश और एक्टिव हो। साथ ही, पढ़ाई की जगह साफ, हवादार और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर होनी चाहिए, ताकि बच्चा फोकस कर सके।
छोटे-छोटे ब्रेक के साथ पढ़ाई कराएंलंबे समय तक लगातार पढ़ाई करने से बच्चों का दिमाग जल्दी थक जाता है और उन्हें नींद आने लगती है। इसलिए पढ़ाई के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक देना जरूरी है। 25-30 मिनट पढ़ाई के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लेने से बच्चा फ्रेश महसूस करता है और दोबारा ध्यान लगाकर पढ़ पाता है। यह तरीका पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाता है।
इंटरएक्टिव तरीके से पढ़ाई करवाएंअगर पढ़ाई का तरीका बोरिंग होगा, तो बच्चे का मन नहीं लगेगा। इसलिए कोशिश करें कि पढ़ाई को रोचक और इंटरएक्टिव बनाया जाए। उदाहरण, चार्ट, गेम्स या सवाल-जवाब के जरिए पढ़ाने से बच्चा ज्यादा रुचि लेता है। जब पढ़ाई मजेदार बनती है, तो नींद आने की समस्या भी कम हो जाती है।
सही नींद और डाइट का रखें ध्यानबच्चों की नींद पूरी न होने पर भी उन्हें पढ़ाई के दौरान नींद आती है। इसलिए सुनिश्चित करें कि बच्चा रोजाना पर्याप्त नींद ले। साथ ही, उसकी डाइट में हेल्दी और एनर्जी देने वाले फूड शामिल करें। जंक फूड से बचें और फल, सब्जियां व दूध जैसी चीजें दें, जिससे बच्चा एक्टिव और फ्रेश बना रहे।
मोटिवेशन और सपोर्ट देंबच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना बहुत जरूरी है। अगर बच्चा अच्छा प्रयास करता है, तो उसकी तारीफ करें और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। डांटने या दबाव डालने से वह पढ़ाई से और दूर हो सकता है। प्यार और सपोर्ट के साथ पढ़ाई की आदत डालने से बच्चा धीरे-धीरे खुद ही जिम्मेदार बन जाता है।
#ये बातें भूल कर भी न बताएं गर्लफ्रेंड को...