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मन की आवाज को नजरंदाज करना ठीक नहीं

By: Team Aapkisaheli | Posted: 15 Feb, 2014

मन की आवाज को नजरंदाज करना ठीक नहीं
मन की आवाज को नजरंदाज करना ठीक नहीं
कई बार हम महत्वपूर्ण कार्य करने के पहले अपने आप से कई प्रकार के प्रश्न पूछते हैं। इन प्रश्नों में कार्य की सफ लता से लेकर असफ लता और कई और बातें भी शामिल रहती है। व्यक्ति स्वयं से प्रश्न पूछते समय स्वयं की सकारात्मक बातों को पहले रखता है, पर भीतर ही भीतर नकारात्मक परिदृश्य भी उम़डता रहता है। इस कारण कई बार व्यक्ति सफ लता निश्चित होने के बावजूद असफ लता हाथ लगती है।
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Dont ignoring the voice of the mind

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