बर्तन मांजने वाले स्पंज के बैक्टीरिया बना सकते हैं बीमार, जानिए कितने दिनों में बदलें
By: Team Aapkisaheli | Posted: 19 Jun, 2026
किचन की सफाई का सबसे जरूरी हिस्सा बर्तन धोना होता है और इसके लिए ज्यादातर घरों में स्पंज का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि दिखने में साफ नजर आने वाला स्पंज कई बार लाखों बैक्टीरिया और कीटाणुओं का घर बन सकता है। बर्तन धोने के बाद स्पंज में नमी, खाने के छोटे-छोटे कण और गंदगी रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। अगर लंबे समय तक एक ही स्पंज का इस्तेमाल किया जाए, तो यह बर्तनों को साफ करने की बजाय उनमें कीटाणु फैलाने का कारण बन सकता है। इसलिए सिर्फ बर्तन साफ करना ही नहीं, बल्कि स्पंज की सफाई और समय पर उसे बदलना भी जरूरी है।
स्पंज में क्यों जमा हो जाते हैं बैक्टीरिया?किचन स्पंज का इस्तेमाल रोजाना गंदे बर्तन साफ करने के लिए किया जाता है। इसमें खाने के कण, तेल और पानी लगातार जमा होते रहते हैं। स्पंज की बनावट ऐसी होती है कि उसमें नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। अगर स्पंज को इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह साफ और सूखा न किया जाए, तो उसमें बदबू आने लगती है और बैक्टीरिया की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
कितने दिनों में बदल देना चाहिए स्पंज?विशेषज्ञों के अनुसार किचन में इस्तेमाल होने वाले स्पंज को लगभग 2 से 4 सप्ताह के भीतर बदल देना चाहिए। यदि स्पंज से बदबू आने लगे, उसका रंग बदल जाए या वह टूटने लगे, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। लंबे समय तक एक ही स्पंज का उपयोग करने से बर्तनों और रसोई की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है। नया स्पंज इस्तेमाल करना सेहत के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है।
स्पंज को साफ रखने के आसान तरीकेस्पंज की उम्र बढ़ाने और उसे साफ रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। हर बार इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह धोकर उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें। उसे ऐसी जगह रखें जहां हवा लगती रहे और वह जल्दी सूख सके। गीले स्पंज को बंद डिब्बे या सिंक में पड़े रहने न दें। नियमित रूप से स्पंज को गर्म पानी से धोना भी सफाई बनाए रखने में मदद कर सकता है।
किचन हाइजीन पर दें खास ध्यानकिचन की साफ-सफाई का सीधा असर पूरे परिवार की सेहत पर पड़ता है। केवल बर्तनों की सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें साफ करने वाले उपकरणों को भी स्वच्छ रखना जरूरी है। समय पर स्पंज बदलने, सिंक की सफाई करने और किचन को सूखा रखने जैसी आदतें बैक्टीरिया के खतरे को कम कर सकती हैं। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप अपने परिवार को कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
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