पढ़ाई से जी चुराता है बच्चा तो अपनाएं ये तरीके अपने आप किताबें उठाकर पढ़ने लगेगा आपका लाडला
By: Team Aapkisaheli | Posted: 10 Sep, 2026
आजकल के डिजिटल दौर में बच्चों को किताबों से जोड़े रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। मोबाइल गेमिंग रील्स और तरह तरह के गैजेट्स ने बच्चों के ध्यान को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में अधिकतर माता पिता की शिकायत रहती है कि उनका बच्चा पढ़ाई में मन नहीं लगाता या पढ़ा हुआ सब कुछ भूल जाता है। यदि आपका बच्चा भी पढ़ाई के नाम से दूर भागता है तो आपको गुस्सा करने के बजाय कुछ समझदारी भरे कदम उठाने की आवश्यकता है।
हर बच्चे के सीखने और समझने का अंदाज अलग होता है। कुछ बच्चे देखकर समझते हैं तो कुछ प्रयोग करके सीखते हैं। जब किसी विषय को बोझिल तरीके से पढ़ाया जाता है तो बच्चा उसमें रुचि खो देता है। इसके लिए माता पिता को बच्चे के साथ बैठकर दोस्त की तरह पढ़ाना चाहिए। जब आप खुद उसके साथ समय बिताएंगे और कठिन विषयों को मनोरंजक उदाहरणों के साथ समझाएंगे तो उसकी पढ़ाई में रुचि अपने आप बढ़ने लगेगी।पढ़ाई के लिए सही माहौल बनाना बेहद जरूरी है। अक्सर देखा जाता है कि माता पिता बच्चे को पढ़ने का आदेश देकर खुद फोन चलाने लगते हैं। यह तरीका बच्चे को भटकाता है। जब बच्चा पढ़ाई कर रहा हो तो पूरे घर में शांति का माहौल बनाएं और खुद भी डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाकर रखें। इसके साथ ही घर में एक ऐसा स्थान तय करें जहां सिर्फ पढ़ाई का माहौल हो और वहां किसी भी तरह का भटकाव न हो।
बच्चे का एक सही दिनचर्या तय करना भी उतना ही आवश्यक है। अगर बच्चे का समय सारणी निश्चित होगा तो उसमें अनुशासन आएगा। इसके अलावा खेल खेल में पढ़ाई कराना एक बेहतरीन तरीका साबित हो सकता है। चित्र फ्लैश कार्ड और कहानियों के जरिए मुश्किल विषयों को आसान बनाया जा सकता है। जब बच्चा थोड़ा सा भी अच्छा प्रदर्शन करे तो उसकी तारीफ जरूर करें। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
इन सब के साथ बच्चे की सेहत और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पोषण की कमी से भी बच्चे जल्दी थक जाते हैं और उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता। हरी सब्जियां फल और सूखे मेवे बच्चे के आहार में शामिल करें। सही खानपान सही माहौल और आपका थोड़ा सा धैर्य किसी भी बच्चे को पढ़ाई में होशियार बना सकता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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