बच्चों की स्वतंत्रता पर मंडराता खतरा: माता-पिता की 5 आदतें जो बढ़ा सकती हैं दूरी
By: Team Aapkisaheli | Posted: 17 Aug, 2026
आज के दौर में हर माता-पिता अपने बच्चे का सबसे बेहतरीन पालन-पोषण करना चाहते हैं। सुरक्षा और देखभाल के चक्कर में अक्सर पेरेंट्स अति-सुरक्षात्मक हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रखने से उनका स्वाभाविक विकास और आत्मविश्वास प्रभावित होता है।
अगर आप भी जाने-अनजाने में बच्चों की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता पर असर डाल रहे हैं तो इन 5 आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
हर छोटे फैसले खुद लेना: बच्चे के कपड़े, दोस्त या खेल चुनने में अपना फैसला थोपना। इससे बच्चों में खुद निर्णय लेने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती।
हर गलती पर तुरंत टोकना या सुधारना: बच्चे को अपनी गलतियों से सीखने का मौका न देना। उनके हर काम में हस्तक्षेप करने से वे निर्भर बनने लगते हैं।
अति-सुरक्षात्मक रवैया: बच्चे को छोटी-मोटी चुनौतियों या असफलताओं का सामना न करने देना। इससे वे भविष्य के तनाव और दबाव को झेलने में असमर्थ हो जाते हैं।
प्राइवेसी और पर्सनल स्पेस न देना: उनकी हर बात डायरी या फोन पर लगातार नजर रखना। यह व्यवहार बच्चे के मन में डर और अविश्वास पैदा करता है।
दूसरों से तुलना करना: बच्चे की क्षमताओं की तुलना अन्य बच्चों से करना। यह आदत उनके आत्मविश्वास को चोट पहुंचाती है और उन्हें अपनी सोच व्यक्त करने से रोकती है।सही संतुलन बनाना क्यों है जरूरी
बच्चों को मार्गदर्शन की जरूरत होती है लेकिन लगातार नियंत्रण की नहीं। उन्हें सुरक्षित माहौल में छोटे-छोटे जोखिम लेने फैसले करने और गलतियों से सीखने की आजादी देना उनके बेहतर भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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