शुक्र और गुरु का कमाल इन तारीखों में जन्मे लोगों को दीवाना बना देता है चटपटा स्वाद
By: Team Aapkisaheli | Posted: 06 July, 2026
अंक शास्त्र के अनुसार हमारी जन्मतिथि सिर्फ हमारे भविष्य का फैसला नहीं करती बल्कि यह हमारी थाली के स्वाद को भी तय करती है। कुछ लोग खाने के इतने शौकीन होते हैं कि उनके लिए भोजन सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं बल्कि जीने का एक खूबसूरत अंदाज बन जाता है। न्यूमरोलॉजी की दुनिया में कुछ ऐसे खास मूलांक हैं जिन्हें असली और पक्का फूडी माना जाता है। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे नंबर जो खाने के मामले में सबसे आगे रहते हैं।
मूलांक छह के जातक और स्वाद का शाही अंदाजजिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की छह पंद्रह या चौबीस तारीख को हुआ है उनका मूलांक छह होता है। इस अंक का स्वामी शुक्र ग्रह है जिसे सुख सौंदर्य और विलासिता का कारक माना जाता है। यही वजह है कि मूलांक छह के लोग खाने के मामले में बहुत चूजी और रॉयल होते हैं। इन्हें साधारण खाना पसंद नहीं आता बल्कि ये नई-नई तरह की फैंसी डिशेज शानदार प्रेजेंटेशन और फास्ट फूड की तरफ जल्दी आकर्षित होते हैं। ये लोग खाने के हर एक निवाले का पूरा लुत्फ उठाते हैं और अच्छे रेस्टोरेंट में जाकर पैसे खर्च करने से कभी पीछे नहीं हटते।
मूलांक तीन के जातक और दावतों का शौकयदि आपका जन्म महीने की तीन, बारह, इक्कीस या तीस तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक तीन है। बृहस्पति ग्रह के प्रभाव के कारण इस मूलांक के लोग दिल खोलकर जीने और खाने में यकीन रखते हैं। इन्हें अकेले खाने के बजाय दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर पार्टी या दावत उड़ाना सबसे ज्यादा पसंद होता है। तीखा चटपटा और मसालेदार भोजन इनकी कमजोरी होती है। ये खाने के मामले में कभी ना नहीं कहते और भोजन के साथ नए-नए प्रयोग या एक्सपेरिमेंट करना इनकी आदत में शुमार होता है।
मूलांक सात के जातक और नए फ्लेवर की खोजमहीने की सात सोलह या पच्चीस तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक सात होता है। इस मूलांक के लोग खाने के मामले में खोजी प्रवृत्ति के होते हैं। इन्हें रूटीन का रोज-रोज एक जैसा खाना बिल्कुल बोरिंग लगता है। ये हमेशा नए स्वाद विदेशी व्यंजनों और अनोखे फ्लेवर्स की तलाश में रहते हैं। अगर इन्हें किसी नई जगह या नए कैफे के बारे में पता चले तो ये वहां का स्वाद चखने के लिए तुरंत निकल पड़ते हैं।
क्या बाकी मूलांक वाले कम खाते हैंऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि बाकी अंकों के लोग खाने का शौक नहीं रखते बल्कि उनकी पसंद का तरीका अलग होता है। उदाहरण के लिए मूलांक दो के लोगों को मां के हाथ का बना या घर का सिंपल खाना सुकून देता है। वहीं मूलांक आठ के लोग स्वाद से ज्यादा अपनी सेहत डाइट और अनुशासन पर ध्यान देते हैं। वे बाहर के तले-भुने खाने से दूरी बनाकर रखना पसंद करते हैं।
फूड पार्टनर के रूप में आपकी जोड़ीअगर आप मूलांक छह और मूलांक तीन वाले लोगों को एक साथ किसी फूड ट्रिप पर भेज दें तो वे दुनिया के सबसे बेहतरीन फूड ब्लॉगर साबित हो सकते हैं क्योंकि एक को शाही स्वाद पसंद है और दूसरे को एक्सपेरिमेंट करना। वहीं मूलांक सात वाले लोग किसी भी ग्रुप के लिए बेस्ट फूड गाइड बन सकते हैं क्योंकि उन्हें शहर के हर नए और छुपे हुए स्वाद की जानकारी होती है।
अंत में अंक शास्त्र यही कहता है कि किसी व्यक्ति की भोजन से जुड़ी आदतों को पूरी तरह समझने के लिए मूलांक के साथ-साथ उसकी दिनचर्या स्वभाव और जीवनशैली को देखना भी उतना ही जरूरी होता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
#आलिया भट्ट की कातिल अंदाज देखकर दंग रहे जाऐंगे आप