करियर गाइडेंस बीटेक में कंप्यूटर साइंस न मिलने पर भी चमकेगा भविष्य, ये 5 उभरती ब्रांचेज हैं बेस्ट ऑप्शन
By: Team Aapkisaheli | Posted: 26 Jun, 2026
देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के दौरान ज्यादातर छात्रों की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ही होती है। आकर्षक सैलरी पैकेज और आईटी सेक्टर का बूम छात्रों को इस ओर खींचता है। लेकिन सीमित सीटों के कारण हर छात्र को कंप्यूटर साइंस मिलना मुमकिन नहीं होता।
शिक्षा और करियर विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर साइंस न मिलने पर निराश होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। आज की ग्लोबल इंडस्ट्री केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है बल्कि भविष्य उन इंजीनियरों का है जो मल्टी टास्किंग और एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस हैं। यदि आपको सीएस नहीं मिल पा रही है तो इंजीनियरिंग की ये 5 आधुनिक ब्रांचेज आपके लिए बेहतरीन करियर का रास्ता खोल सकती हैं:
ये हैं वो 5 ट्रेंडिंग ऑप्शंस:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग: आज की दुनिया एआई पर शिफ्ट हो रही है। खुद ब खुद चलने वाली गाड़ियां और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसी तकनीकों में इसकी भारी मांग है। शुरुआती पैकेज 6 लाख से 18 लाख सालाना तक हो सकता है।
डेटा साइंस: स्कोप इंटरनेट के इस दौर में डेटा ही सबसे बड़ी ताकत है। ई कॉमर्स बैंकिंग और टेक कंपनियों को बड़े पैमाने पर डेटा एक्सपर्ट्स की तलाश रहती है। शुरुआती पैकेज 6 लाख से 15 लाख सालाना तक आसानी से मिल जाता है।
रोबोटिक्स इंजीनियरिंग: यह मैकेनिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई का एडवांस कॉम्बिनेशन है। डिफेंस एयरोस्पेस और ऑटोमोबाइल सेक्टर में स्मार्ट मशीनें और रोबोट्स बनाने के लिए इसका क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। शुरुआती सैलरी 5 लाख से 15 लाख प्रति वर्ष तक मिल सकती है।
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग: यह इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस का संगम है। आधुनिक अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली एडवांस मशीनें और मेडिकल डिवाइसेज का निर्माण इसी फील्ड के इंजीनियर करते हैं।शुरुआती वेतन लगभग 4 लाख से 12 लाख सालाना तक हो सकता है।
मॉडर्न मैकेनिकल इंजीनियरिंग: आज की मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ऑटोमेशन और ईवी इलेक्ट्रिक व्हीकल डिजाइनिंग जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। देश विदेश की नामी कंपनियों में 4 लाख से 10 लाख सालाना तक का शुरुआती पैकेज मिलता है।
एक्सपर्ट्स की सलाह सिर्फ ट्रेंड नहीं अपनी रुचि को पहचानें: करियर काउंसिलर्स के अनुसार 12वीं के बाद किसी भी ब्रांच को केवल दूसरों की देखा देखी न चुनें। आज के दौर में कंपनियां सिर्फ आपकी डिग्री नहीं देखतीं बल्कि यह देखती हैं कि आपके पास प्रॉब्लम सॉल्विंग समस्या सुलझाने की क्षमता और क्रिटिकल थिंकिंग जैसी स्किल्स हैं या नहीं।
अगले 4 से 5 सालों में ऑटोमेशन स्मार्ट टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर के क्षेत्र में भारी ग्रोथ देखने को मिलेगी। इसलिए कंप्यूटर साइंस न मिलने पर दिल छोटा करने के बजाय इन उभरते क्षेत्रों में अपनी रुचि के अनुसार सही ब्रांच का चुनाव करें और एक सुरक्षित भविष्य की नींव रखें।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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