Parenting: स्क्रीन छोड़ें स्किल पकड़ें, छुट्टियों में बच्चों का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज बना देंगी ये 5 एक्टिविटीज
By: Team Aapkisaheli | Posted: 10 Jun, 2026
गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही अक्सर घरों में एक ही नजारा देखने को मिलता है—बच्चे या तो टीवी स्क्रीन से चिपके रहते हैं या फिर मोबाइल पर गेम खेलते नजर आते हैं। शुरुआत में तो यह मनोरंजन लगता है, लेकिन लंबे समय में यह आदत बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता को कमजोर कर सकती है।
बाल विशेषज्ञों का मानना है कि छुट्टियों का यह खाली समय बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए सोने पर सुहागा साबित हो सकता है बशर्ते उन्हें सही गतिविधियों में व्यस्त रखा जाए। अपने बच्चों को बिना किसी मानसिक दबाव या पढ़ाई के बोझ के स्मार्ट एक्टिव और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पैरेंट्स इस समर वेकेशन इन 5 दिलचस्प एक्टिविटीज की मदद ले सकते हैं:
बुक रीडिंग और लैंग्वेज स्किल्स:
छुट्टियों में बच्चों के अंदर किताबें पढ़ने की आदत विकसित करना बेहद फायदेमंद होता है। रोज़ाना रंग-बिरंगी और प्रेरक कहानियों की किताबें पढ़ने से बच्चों की शब्दावली मजबूत होती है और उनकी कल्पनाशीलता बढ़ती है। इसके साथ ही आप उन्हें किसी नई भाषा के छोटे-छोटे शब्द या वाक्य भी सिखा सकते हैं। यह एक्टिविटी उनकी याददाश्त को तेज करती है और जब वे नई भाषा बोलते हैं तो उनका आत्मविश्वास भी दोगुना हो जाता है।
आर्ट पेंटिंग और क्रिएटिविटी:
पेंटिंग और ड्राइंग केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों को अपने विचारों को व्यक्त करने का मौका देती हैं। रंगों के साथ खेलते हुए बच्चे अपनी कल्पना को कागज़ पर उतारना सीखते हैं। यह उनकी क्रिएटिव थिंकिंग को बढ़ावा देता है और उनके ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को भी मजबूत करता है।
दिमागी कसरत और पहेलियां:
बच्चों के लॉजिकल दिमाग को एक्टिव करने के लिए सुडोकू चेस पजल और पेचीदा पहेलियां सबसे बेहतरीन जरिया हैं। इस तरह के दिमागी खेल बच्चों को खुद से समस्याओं का हल ढूंढना सिखाते हैं। खास बात यह है कि बच्चे इसे एक गेम की तरह लेते हैं जिससे बिना किसी मानसिक तनाव के उनकी प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स बेहतर होती हैं।
म्यूजिक और रिदम:
संगीत का सीधा संबंध हमारे दिमाग की कार्यप्रणाली से होता है। छुट्टियों में बच्चों को कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट जैसे कीबोर्ड गिटार या ड्रम सिखाना या फिर सिंगिंग क्लासेस में डालना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है। संगीत सीखने से बच्चों का फोकस बढ़ता है उनका मूड फ्रेश रहता है और उनकी सुनने व समझने की क्षमता में भी सुधार होता है।
गार्डनिंग और घर के छोटे काम:
बच्चों को जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाने के लिए गार्डनिंग यानी बागवानी से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। घर के पौधों में पानी देना नया पौधा लगाना और उसकी देखभाल करना बच्चों में धैर्य और प्रकृति के प्रति प्रेम जगाता है। इसके अलावा उन्हें अपनी किताबें खुद संभालना कमरा साफ रखना जैसे छोटे घरेलू कामों की जिम्मेदारी दें।
जब बच्चे अपने काम खुद पूरा करते हैं तो उनमें आत्मनिर्भरता की भावना पैदा होती है।
इन आसान और मजेदार तरीकों को अपनाकर आप अपने बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को न सिर्फ यादगार बना सकते हैं बल्कि भविष्य के लिए उनके दिमाग को और अधिक शार्प और एक्टिव भी कर सकते हैं।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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