Parenting : बच्चों को दोस्तों के घर भेजने से पहले माता-पिता सिखाएं ये 5 गोल्डन रूल्स
By: Team Aapkisaheli | Posted: 16 Jun, 2026
आमतौर पर बच्चे अपने आस-पड़ोस या दोस्तों के घर खेलने जाते हैं जो उनके मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अच्छा है। लेकिन आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी विषय पर जागरूकता फैलाते हुए पेरेंटिंग एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम साझा किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार विशेषकर 9 से 12 वर्ष के बच्चों को घर से बाहर भेजने से पहले 5 बुनियादी और जरूरी बातें जरूर सिखानी चाहिए ताकि वे हर परिस्थिति में सुरक्षित रह सकें।
सुरक्षा के 5 मुख्य नियम : असहजता को न छिपाएं : बच्चों को समझाएं कि यदि कोई उन्हें ऐसी बात कहता है कुछ दिखाता है या इस तरह छूता है जिससे उन्हें अजीब या असहज महसूस हो तो वे बिना डरे तुरंत अपने माता-पिता को बताएं।
सीक्रेट रखने वाली बातों से सावधान: यदि कोई व्यक्ति बच्चे से कहे कि यह बात मम्मी-पापा को मत बताना तो बच्चे को ऐसी बात तुरंत अपने पेरेंट्स से शेयर करनी चाहिए। बच्चों को सिखाएं कि माता-पिता से कोई भी बात छिपानी नहीं है।
माय बॉडी माय राइट्स : बच्चों को स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि उनके शरीर पर सिर्फ उनका अधिकार है। यदि कोई उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो वे तुरंत मजबूती से ना कहें और उस जगह से दूर हट जाएं।
गलत व्यवहार पर तुरंत एक्शन: यदि बच्चों को किसी का मजाक बातचीत वीडियो या व्यवहार गलत या संदेहास्पद लगे तो वे खुलकर अपने माता-पिता से बात करें। माता-पिता को भी बच्चों को भरोसा दिलाना होगा कि उनकी सुरक्षा और भावनाएं सबसे पहले हैं।
बिना बताए कहीं न जाएं : बच्चे जिसके घर खेलने गए हैं अगर वहां के लोग उन्हें घर से बाहर किसी अन्य जगह जैसे पार्क मार्केट या मॉलले जाने की बात करें तो बच्चे बिना अपने माता-पिता की अनुमति के वहां बिल्कुल न जाएं।
बच्चों की सुरक्षा केवल उनके सतर्क रहने से नहीं बल्कि माता-पिता और बच्चों के बीच के मजबूत संवाद से तय होती है। बच्चों को यह विश्वास दिलाएं कि वे आपसे हर बात साझा कर सकते हैं चाहे परिस्थिति कैसी भी हो।
- हेमलता शर्मा, जयपुर
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