भाग्यांक 1 के जातकों में होती है जन्मजात नेतृत्व क्षमता जानिए करियर और स्वभाव से जुड़ी मुख्य बातें
By: Team Aapkisaheli | Posted: 29 July, 2026
अंकज्योतिष में भाग्यांक जिसे डेस्टिनी नंबर भी कहा जाता है किसी भी व्यक्ति की जीवन शैली उसके करियर की दिशा और भविष्य में मिलने वाले अवसरों का एक मुख्य सूचक माना जाता है। अंकज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की संपूर्ण जन्मतिथि का कुल योग 1 आता है तो ऐसे व्यक्तियों में स्वाभाविक रूप से नेतृत्व क्षमता और दृढ आत्मविश्वास पाया जाता है।
अंकज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार भाग्यांक 1 का प्रतिनिधि ग्रह सूर्य है। सूर्य को नवग्रहों में राजा का स्थान प्राप्त है, जिसके प्रभावस्वरूप इस भाग्यांक वाले जातक स्वाभिमानी साहसी और अनुशासित होते हैं। ये लोग किसी भी क्षेत्र में दूसरों के अधीन रहकर कार्य करने के बजाय स्वयं पूरी टीम या संगठन की कमान संभालना अधिक पसंद करते हैं। इसके साथ ही प्रतिकूल परिस्थितियों में भी त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने की क्षमता इनकी सबसे बड़ी विशेषता होती है।
अपनी जन्मतिथि के माध्यम से भाग्यांक की गणना करना अत्यंत सरल है। इसके लिए जन्म की तारीख माह और वर्ष के सभी अंकों को तब तक आपस में जोड़ा जाता है, जब तक कि एक एकल संख्या सिंगल डिजिट प्राप्त न हो जाए। उदाहरण स्वरूप यदि किसी व्यक्ति की जन्मतिथि 15 अगस्त 1994 15-08-1994 है तो तारीख के अंकों 1+5 का योग 6 माह के अंकों 0+8 का योग 8 तथा वर्ष के अंकों 1+9+9+4 = 23 2+3 का योग 5 होगा। इसके पश्चात् इन तीनों प्राप्त अंकों 6+8+5 को जोड़ने पर संख्या 19 प्राप्त होगी। अंत में 19 के दोनों अंकों 1+9 को पुनः जोड़ने पर 10 और फिर 1+0 से अंतिम भाग्यांक 1 प्राप्त होगा।
व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो भाग्यांक 1 वाले जातक प्रशासनिक सेवाओं आईएएस आईपीएस राजनीति कॉर्पोरेट मैनेजमेंट एंटरप्रेन्योरशिप चिकित्सा सैन्य विभाग तथा मीडिया जैसे क्षेत्रों में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं। ये जातक वित्तीय प्रबंधन में भी काफी निपुण माने जाते हैं जिसके चलते इन्हें अपने जीवन में आर्थिक तंगी का सामना सामान्यतः नहीं करना पड़ता है।
हालाँकि इस भाग्यांक के व्यक्तियों को कुछ सावधानियाँ बरतने की सलाह भी दी जाती है। सूर्य के अत्यधिक प्रभाव के कारण कभी-कभी इनका आत्मविश्वास अहंकार में बदल सकता है जिससे सामाजिक जीवन में कटुता आने की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त शीघ्र क्रोध आने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखना और सहयोगियों के विचारों को सम्मान देना एक सफल नेतृत्वकर्ता के रूप में इनकी क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। अंकज्योतिष के अनुसार भाग्यांक 1 के लिए रविवार एवं गुरुवार के दिन तथा लाल नारंगी और पीला रंग विशेष शुभ माने गए हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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