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Health Tips : दांतों के लिए साइलेंट किलर है सड़न, जानें कब बढ़ सकती है दांतों से जुड़ी समस्याएं

By: Team Aapkisaheli | Posted: 31 Jan, 2026

Health Tips : दांतों के लिए साइलेंट किलर है सड़न, जानें कब बढ़ सकती है दांतों से जुड़ी समस्याएं
नई दिल्ली। दांतों में दर्द की परेशानी या सूजन की समस्या पर सभी ध्यान देते हैं, लेकिन सड़न दांतों के लिए साइलेंट किलर की तरह काम करती है। बाहर से चमकदार दिखने वाले दांतों के अंदर कब धीरे-धीरे छेद बन जाता है, ये पता ही नहीं चलता और जब चलता है, तब तक सड़न दांतों को घेर चुकी होती है। 
दांतों में सड़न की समस्या से असहनीय दर्द होता है और ये धीरे-धीरे सारे दांतों को संक्रमित कर देती है; ऐसे में दांतों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। दांतों में सड़न की प्रक्रिया बहुत धीमी गति से होती है और इसके लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। दर्द के बाद पता चलता है कि दांतों में सड़न हो चुकी है। 

दांतों में सड़न के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे ज्यादा मीठा खाना, सही तरीके से ब्रश और कुल्ला न करना, मुंह में लार में कमी होना, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी, साथ ही रात में बिना ब्रश किए सो जाना। ये सभी कारण दांतों में सड़न पैदा करने के लिए काफी हैं। 

आयुर्वेद में दांतों की सड़न से बचने के लिए और मसूड़ों की मजबूती के लिए कई घरेलू उपाय बताए गए हैं, जिन्हें घर बैठे आराम से कर सकते हैं। पहला है लौंग के तेल का इस्तेमाल। लौंग का तेल दांतों के दर्द और बैक्टीरिया को कम करने का काम करता है, जिससे सड़न की प्रक्रिया कम हो जाती है। इसके लिए रात के समय लौंग के तेल को कुछ समय के लिए दांतों पर लगाकर छोड़ दें और पानी से साफ कर लें। 

दूसरा है नीम से दातुन या कुल्ला। नीम प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल है, जो दांतों से बैक्टीरियल संक्रमण को कम करने में मदद करता है। वहीं नीम की दातुन भी दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। तीसरा है नारियल तेल से ऑयल पुलिंग। ऑयल पुलिंग दांतों के कोनो-कोनों में जाकर गंदगी को साफ करने का काम करती है और दांतों पर लगे पीलेपन को साफ करती है। इसके लिए तेल को मुंह के अंदर 5 मिनट के लिए घुमाएं और फिर कुल्ला कर लें। चौथा है नमक और सरसों के तेल का मिश्रण। 

नमक और सरसों के तेल का मिश्रण दांतों के दर्द में राहत देता है और दांतों में पनप रहे बैक्टीरिया का भी नाश करता है। हफ्ते में तीन बार इस मिश्रण को लगाने से दांतों से पीलापन भी कम हो जाता है। इन नुस्खों के अलावा, आहार में बदलाव भी जरूरी हैं। आहार में कैल्शियम और विटामिन डी शामिल करें। 

कैल्शियम और विटामिन डी दोनों मिलकर दातों को मजबूती देते हैं और मसूड़ों से खून आने की समस्या भी कम होती है। इसके साथ ही दांतों के लिए विटामिन सी भी जरूरी है; इसके लिए दिन में एक समय किसी खट्टे फल का सेवन जरूर करें। यह भी दांतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। -आईएएनएस

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