बुजुर्ग माता पिता के लिए केयरगिवर ढूंढते समय यह एक गलती पड़ सकती है भारी
By: Team Aapkisaheli | Posted: 24 Sep, 2026
बढ़ती उम्र के साथ हमारे माता पिता को सिर्फ सहारा नहीं बल्कि अपनों जैसी केयर और सम्मान की जरूरत होती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में जब रोजमर्रा के काम संभालना मुश्किल होने लगता है तब परिवार अक्सर किसी केयरगिवर को घर पर रखने का फैसला लेता है। लेकिन अक्सर लोग कम बजट या सिर्फ किसी के कहने पर किसी को भी रख लेते हैं। आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही आपके अपनों की सेहत सुरक्षा और खुशियों पर भारी पड़ सकती है।
सही केयरगिवर चुनने की शुरुआत घर से ही होती है। सबसे पहले एक डायरी में अपने बुजुर्गों की हर छोटी बड़ी जरूरत नोट करें। जैसे कि क्या उन्हें समय पर दवा लेने की याद दिलानी है या फिर डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी स्थिति में किसी प्रशिक्षित मेडिकल एक्सपर्ट की जरूरत है। इंटरव्यू के समय सिर्फ काम का अनुभव मत पूछिए बल्कि यह भी देखिए कि क्या वह अचानक आई किसी इमरजेंसी में शांत रहकर सही फैसला ले सकते हैं या नहीं।
इस पूरी प्रक्रिया का सबसे खूबसूरत हिस्सा होता है इमोशनल बॉन्डिंग। पक्का फैसला लेने से पहले केयरगिवर को अपने माता पिता से जरूर मिलाएं। देखिए कि उनके बीच की बातचीत कैसी है और क्या आपके बुजुर्ग उनके साथ सहज महसूस कर रहे हैं। काम पर रखने से पहले तीन चार दिनों का एक छोटा ट्रायल पीरियड देना भी बहुत समझदारी का कदम होता है। इससे आपको उनके स्वभाव अनुशासन और काम करने के तरीके की असली झलक मिल जाती है।
याद रखिए कि एक अच्छा केयरगिवर आपके काम को आसान बना सकता है लेकिन वह आपके प्यार की जगह कभी नहीं ले सकता। केयरगिवर रखने के बाद भी माता पिता के साथ वक्त बिताना उनकी निगरानी करना और उनसे बातें करते रहना बेहद जरूरी है। क्योंकि बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी दवा किसी प्रोफेशनल की सेवा नहीं बल्कि अपने बच्चों का साथ और अपनापन होता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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