हेली दारूवाला से खास बातचीत : एक चतुर नार की नकारात्मक भूमिका से लव लॉटरी की मुख्य भूमिका तक का सफर
By: Team Aapkisaheli | Posted: 24 , 2026

हेली दारूवाला ने टेलीविजन के चर्चित धारावाहिकों से लेकर फिल्मों तक अपने अभिनय के अलग-अलग रंग दिखाए हैं। एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक नागिन 3 में खलनायिका की भूमिका से पहचान बनाने के बाद वह वर्ष 2025 में एक चतुर नार में टीना गुप्ता की नकारात्मक भूमिका में नजर आईं। अब वह अरविंद पांडे के निर्देशन में बनी लव लॉटरी में अक्षय ओबेरॉय के साथ मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी।
प्रेम, रहस्य, हत्या और कोर्ट रूम ड्रामा से जुड़ी इस फिल्म को लेकर हेली से उनके किरदार, अभिनय की चुनौतियों, टेलीविजन से फिल्मों तक के सफर और आगे की महत्वाकांक्षाओं पर
हमारे संवाददाता राजेश कुमार भगताणी ने विशेष बातचीत की। प्रस्तुत उस बातचीत के कुछ अंश—
सवाल: आपको टेलीविजन ने पहचान दी। क्या कभी ऐसा लगा कि उस लोकप्रियता ने आपको एक खास छवि (टाइपकास्ट) में बांध दिया? बतौर अभिनेत्री आपके भीतर सबसे बड़ा बदलाव क्या आया है?
हेली दारूवाला: मैंने टेलीविजन में अलग-अलग तरह की भूमिकाएँ की हैं। मैंने कोई ऐसा शो नहीं किया जो सालों-साल चले और मैं एक ही किरदार में बंध जाऊं। मैंने कोई टिपिकल सास-बहू ड्रामा भी नहीं किया है। मेरा सफर स्कूल और कॉलेज वाले शोज से शुरू हुआ, फिर कजिन्स पर आधारित शो किया और बाद में नागिन जैसा ग्लैमरस शो किया। इसलिए मेरी ऐसी कोई एक छवि नहीं बनी जिससे मुझे बंधने का अहसास हो।
सवाल: एक चतुर नार के बाद आपने फिर से रहस्य और अपराध (सस्पेंस/क्राइम) से जुड़ी कहानी चुनी, जिसमें मर्डर, मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा है। इसे चुनने की क्या वजह रही?
हेली दारूवाला: इसके बाद मेरे पास यही फिल्म आई और मुझे इसका अपना किरदार बहुत दिलचस्प लगा। ऐसा रोल मैंने पहले कभी नहीं किया था। एक एक्टर के तौर पर मैं अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहती हूँ, इसीलिए मैंने इसे चुना।
सवाल: अक्षय ओबेरॉय जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ काम करते हुए अपने किरदार के लिए क्या अतिरिक्त तैयारी की?
हेली दारूवाला : अनुभवी तो हम दोनों ही हैं, लेकिन हाँ, मैंने उनका काम देखा है। रीडिंग सेशन के दौरान मैंने उनसे काफी टिप्स और इनपुट्स लिए। जब आप साथ में काम कर रहे होते हैं, तो सामने वाले का नज़रिया समझना बहुत जरूरी होता है। अक्षय के साथ केमिस्ट्री बहुत अच्छी रही, वह बहुत बेहतरीन इंसान हैं और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला।
सवाल : आप पिछले दो दशकों से इस लाइन में हैं?
हेली दारूवाला : दो दशक (20 साल) तो नहीं हुए हैं मुझे! (पत्रकार स्पष्ट करते हैं कि 2007 में अमोल पालेकर जी की फिल्म दुम कटा से आपने अपना फिल्मी सफल शुरू किया था।)
हेली दारूवाला : अरे, वो तो मैं स्कूल में थी जब अमोल अंकल के प्रोजेक्ट में काम किया था। उनके भांजे/भांजी मेरे स्कूल में थे, तो ऐसे ही मौका मिल गया था। पेशेवर तौर पर मेरा मुख्य काम कॉलेज खत्म होने के बाद शुरू हुआ।
सवाल: इस फिल्म की कहानी में चेहरे के भाव और ठहराव (साइलेंस) भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना संवाद। बिना बोले भी अभिव्यक्ति देनी पड़ती है। ऐसा कोई दृश्य जिसने चुनौती दी हो?
हेली दारूवाला: हाँ, ऐसे कई सीन थे। इस किरदार की भावनाएं और सोच मेरी वास्तविक जिंदगी से बिल्कुल अलग थीं। मैं असल जिंदगी में वैसी इंसान नहीं हूँ। इसलिए खुद को अलग रखकर एक नकारात्मक या जटिल सोच वाले किरदार की भावनाओं को महसूस करना और स्क्रीन पर उतारना चुनौतीपूर्ण था।
सवाल: सस्पेंस फिल्मों में कलाकारों को दर्शकों से भी काफी कुछ छुपाना पड़ता है, अपने किरदार की परतें नियंत्रित रखनी होती हैं। यह कितना कठिन था?
हेली दारूवाला : यह काफी एक्साइटिंग था। एक एक्टर का काम ही यही है कि वह दर्शकों को केवल वही दिखाए जो उस सीन के लिए जरूरी है, न कि अपने मन की बात। मुझे इसके अलग-अलग शेड्स प्ले करने में बहुत मज़ा आया।
सवाल: आपने डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) की पढ़ाई की है। क्या इस पढ़ाई ने इंसान के व्यवहार को समझने में कोई मदद की?
हेली दारूवाला: हाँ, साइकोलॉजिकली (मानसिक रूप से) यह बहुत मदद करता है। मैं लोगों के व्यवहार, उनकी बॉडी लैंग्वेज और बात करने के तरीके को ऑब्जर्व (गौर) करती रहती हूँ। एक एक्टर के लिए अवेयर (जागरूक) रहना और अपने आसपास के इंसानों से प्रेरणा लेकर किरदार गढ़ना बहुत जरूरी होता है।
सवाल: आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कथक और शास्त्रीय नृत्य से जुड़ी रही है (माताजी कथक नृत्यांगना हैं)। क्या आपके अभिनय में शरीर की भाषा और आँखों की अभिव्यक्ति में नृत्य का प्रभाव रहता है?
हेली दारूवाला: बिल्कुल, मेरी आर्ट की बुनियाद ही क्लासिकल डांस से बनी है। डांस आपको 360-डिग्री ट्रांसफॉर्मेशन देता है। कथक में हम केवल डांस नहीं करते, बल्कि कथा (कहानी) कहते हैं और भाव व्यक्त करते हैं। एक्टिंग भी सिर्फ चेहरे से नहीं, पूरी बॉडी की रिदम से होती है। डांस की ट्रेनिंग ने मेरी एक्टिंग और एक्सप्रेशन्स को बहुत बेहतर बनाया है।
सवाल: निर्देशक अरविन्द पांडे के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
हेली दारूवाला : सर तो चलते-फिरते एनसाइक्लोपीडिया हैं! उनसे जितना सीखो उतना कम है। उन्होंने मेरे भीतर से ऐसी परफॉर्मेंस निकलवाई जिसकी मुझे खुद भी उम्मीद नहीं थी। एक आर्टिस्ट के तौर पर उन्होंने मुझे काफी बदला है और इस फिल्म में उनका बहुत बड़ा प्रभाव रहा है।
सवाल: आजकल सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग और लोकप्रियता का दबाव रहता है। क्या इसका असर कलाकारों के वास्तविक अभिनय पर पड़ता है?
हेली दारूवाला: यह हर इंसान की व्यक्तिगत सोच है कि वह सोशल मीडिया या फेम को कैसे लेता है। मेरे फैंस और फॉलोअर्स मुझसे इसलिए जुड़े हैं क्योंकि उन्हें मेरा काम (टेलीविजन, ओटीटी या डांस) पसंद आया है। वे हमेशा मेरे अगले प्रोजेक्ट का इंतजार करते हैं। सोशल मीडिया से मुझे दबाव नहीं, बल्कि और अच्छा काम करने की प्रेरणा और उत्साह मिलता है।
सवाल: भविष्य में आप लोकप्रियता दिलाने वाली भूमिकाएं चुनेंगी या ऐसी भूमिकाएं जो एक अभिनेत्री के तौर पर आपको चुनौती दें (भले ही व्यावसायिक रूप से कम चलें)?
हेली दारूवाला : (हंसते हुए) यह तो बड़ा मुश्किल सवाल है! मैं पहले लोकप्रिय होना पसंद करूंगी ताकि लोकप्रियता मिलने के बाद मुझे जिस तरह के चुनौतीपूर्ण किरदार या फिल्में खुद बनानी या करनी हों, मैं अपनी मर्जी से कर सकूं!
सवाल: फिल्म लव लॉटरी को लेकर आपको क्या उम्मीदें हैं, क्या जनता इससे जुड़ पाएगी?
हेली दारूवाला : यह एक पूरी तरह से स्टोरी-ड्रिवन (कहानी पर आधारित) फिल्म है। इसमें काफी ट्विस्ट एंड टर्न्स, सस्पेंस, थ्रिलर के साथ-साथ रोमांस और अच्छे गाने भी हैं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इससे जरूर जुड़ पाएंगे और इसे पसंद करेंगे।
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क्या सचमुच लगती है नजर !
उफ्फ्फ! दीपिका का इतने हसीन जलवे कवर पेज पर...