मुश्किल हालातों में इस तरह रखें धैर्य, खुद को रखें शांत
By: Team Aapkisaheli | Posted: 26 Feb, 2026
ज़िंदगी में ऐसे पल हर किसी के सामने आते हैं जब हालात हमारे कंट्रोल से बाहर लगने लगते हैं। काम का दबाव, रिश्तों में तनाव, आर्थिक चिंता या अचानक आई कोई परेशानी मन को बेचैन कर देती है। ऐसे समय में गुस्सा, घबराहट या नकारात्मक सोच हावी हो जाती है, जिससे समस्या और भी बड़ी महसूस होने लगती है। लेकिन यही वो पल होते हैं जब धैर्य और शांति सबसे ज्यादा जरूरी होती है। अगर मुश्किल हालातों में खुद को शांत रखना सीख लिया जाए, तो न सिर्फ समस्या को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है, बल्कि सही समाधान भी निकाला जा सकता है। धैर्य रखना कोई जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि एक आदत है जिसे अभ्यास से विकसित किया जा सकता है।
हालात को स्वीकार करना सीखेंमुश्किल समय में सबसे पहली गलती हम यही करते हैं कि हालात को नकारने लगते हैं। बार-बार यह सोचते हैं कि ऐसा मेरे साथ ही क्यों हुआ। लेकिन जब तक आप स्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक मन शांत नहीं होगा। हालात को जैसे हैं वैसे स्वीकार करने से दिमाग स्थिर होता है और आप समाधान की दिशा में सोच पाते हैं। स्वीकार करने का मतलब हार मानना नहीं, बल्कि समझदारी से आगे बढ़ना है।
गहरी सांस लेने की आदत डालेंजब भी तनाव बढ़े, गहरी सांस लेना सबसे आसान और तुरंत असर दिखाने वाला तरीका है। कुछ मिनट तक धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें। इससे दिमाग को ऑक्सीजन मिलती है और नर्वस सिस्टम शांत होता है। यह छोटी सी एक्सरसाइज मुश्किल हालातों में गुस्से और घबराहट को कंट्रोल करने में काफी मदद करती है।
खुद से सकारात्मक बातचीत करेंमुश्किल समय में हमारा मन सबसे ज्यादा नकारात्मक बातें सोचता है। ऐसे में खुद से पॉजिटिव बातें करना बेहद जरूरी हो जाता है। खुद को याद दिलाएं कि यह समय भी गुजर जाएगा और आपने पहले भी मुश्किल हालातों का सामना किया है। सकारात्मक आत्मसंवाद आत्मविश्वास बढ़ाता है और धैर्य बनाए रखने में मदद करता है।
हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया न देंतनाव के समय तुरंत रिएक्ट करना हालात को और बिगाड़ सकता है। अगर कोई बात आपको परेशान कर रही है, तो तुरंत जवाब देने या फैसला लेने से बचें। खुद को थोड़ा समय दें, सोचें और फिर शांत दिमाग से प्रतिक्रिया दें। यह आदत आपको भावनात्मक रूप से मजबूत बनाती है और अनावश्यक तनाव से बचाती है।
अपने लिए समय निकालेंमुश्किल दौर में खुद को नजरअंदाज करना आम बात है, लेकिन यही समय होता है जब सेल्फ-केयर सबसे जरूरी होती है। थोड़ी देर टहलना, मनपसंद संगीत सुनना या किसी करीबी से बात करना मन को हल्का करता है। जब आप खुद का ख्याल रखते हैं, तो धैर्य अपने-आप बढ़ने लगता है।
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