Parenting Tips: नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए बच्चों की शैतानियां, इस तरह करें कंट्रोल
By: Team Aapkisaheli | Posted: 24 Feb, 2026
बच्चों की शैतानियां हर माता-पिता के लिए रोज़मर्रा का हिस्सा होती हैं। कभी ज़्यादा बोलना, कभी बात न मानना, तो कभी जानबूझकर गलती करना—ये सब बच्चों के बढ़ने और सीखने की प्रक्रिया का ही हिस्सा हैं। लेकिन अगर इन शैतानियों को लगातार नजरअंदाज किया जाए, तो यही आदतें आगे चलकर गलत व्यवहार का रूप ले सकती हैं। कई बार माता-पिता प्यार या व्यस्तता के कारण बच्चों की हरकतों पर ध्यान नहीं देते, जिससे बच्चा यह समझ लेता है कि उसकी गलतियों का कोई असर नहीं पड़ता।
पहले समझें शैतानी की वजहबच्चों की शैतानी के पीछे हमेशा जिद या बदतमीजी नहीं होती। कई बार वे ध्यान पाने के लिए, बोरियत के कारण या अपनी भावनाएं जाहिर न कर पाने की वजह से ऐसा व्यवहार करते हैं। अगर माता-पिता बच्चे की हरकत के पीछे की वजह समझने की कोशिश करें, तो आधी समस्या वहीं खत्म हो जाती है। बच्चे से प्यार से बात करें, उससे पूछें कि उसने ऐसा क्यों किया। इससे बच्चा खुद को सुना हुआ महसूस करता है और धीरे-धीरे अपने व्यवहार में सुधार लाने लगता है।
स्पष्ट नियम और सीमाएं तय करेंबच्चों को यह पता होना चाहिए कि घर में क्या सही है और क्या गलत। अगर नियम ही साफ नहीं होंगे, तो बच्चे बार-बार शैतानी करेंगे। नियम बनाते समय उनकी उम्र का ध्यान रखें और बहुत ज़्यादा सख्ती न दिखाएं। जब बच्चा नियम तोड़े, तो शांत तरीके से उसे समझाएं कि उसका व्यवहार क्यों गलत है। बार-बार नियम बदलने से बच्चे कन्फ्यूज हो जाते हैं, इसलिए एक जैसी प्रतिक्रिया देना बहुत जरूरी है।
मार-डांट नहीं, बातचीत से सिखाएंगुस्सा करना या मारना बच्चों की शैतानियां कंट्रोल करने का सही तरीका नहीं है। इससे बच्चा डरता तो है, लेकिन सीखता नहीं। बेहतर है कि आप उसके साथ बैठकर उसकी गलती समझाएं और सही तरीका बताएं। जब बच्चा महसूस करता है कि माता-पिता उसकी बात समझ रहे हैं, तो वह खुद को सुधारने की कोशिश करता है। शांत बातचीत बच्चों में सकारात्मक बदलाव लाने में ज्यादा असरदार होती है।
अच्छे व्यवहार की तारीफ करेंअक्सर माता-पिता सिर्फ गलतियों पर ध्यान देते हैं, लेकिन बच्चों के अच्छे व्यवहार को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर बच्चा शैतानी न करे या सही काम करे, तो उसकी तारीफ जरूर करें। इससे बच्चे को मोटिवेशन मिलता है और वह दोबारा वैसा ही अच्छा व्यवहार दोहराना चाहता है। छोटी-छोटी तारीफ भी बच्चों के मन पर गहरा असर डालती है।
ऊर्जा को सही दिशा में लगाएंबच्चों में बहुत ऊर्जा होती है, और अगर उसे सही दिशा न मिले, तो वह शैतानी में बदल जाती है। बच्चों को खेल, आर्ट, डांस या किसी एक्टिविटी में व्यस्त रखें। इससे उनकी ऊर्जा सही जगह खर्च होगी और शैतानियां अपने-आप कम होने लगेंगी। साथ ही, माता-पिता के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से भी बच्चों का व्यवहार बेहतर होता है।
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