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मातृत्व जिदंगी की सबसे संतोषप्रद व महत्वपूर्ण भूमिका : लारा दत्ता

By: Team Aapkisaheli | Posted: 31 July, 2019

मातृत्व जिदंगी की सबसे संतोषप्रद व महत्वपूर्ण भूमिका : लारा दत्ता
मुंबई। अभिनेत्री लारा दत्ता-भूपति का कहना है कि मातृत्व उनके लिए जीवन की ‘सबसे संतुष्टिदायक’ व महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लारा ने बताया, ‘‘मुझे नहीं पता कि मातृत्व में बदलाव जैसी कोई चीज है या नहीं। बच्चे के जन्म से पहले आप चाहे जितनी तैयारी कर लें, लेकिन जिस दिन आपका बच्चा जन्म लेता है, उसी दिन वास्तविकता से आपका सामना होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मैं आज यह भी सोचती हूं कि मैंने अब तक जो किया है, उसमें बतौर मां मेरी भूमिका मेरे जीवन की सबसे संतोषप्रद व महत्वपूर्ण भूमिका है।’’

पूर्व मिस यूनिवर्स लारा ने ‘अंदाज’, ‘नो एंट्री’, ‘भागम भाग’ और ‘हाउसफुल’ जैसी फिल्मों में काम किया है।

उन्होंने दिग्गज टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति से शादी की है और वह सायरा नाम की बेटी की मां है।

लारा ने एबॉट के ‘ग्रो राइट’ कैम्पेन के लॉन्च के मौके पर मातृत्व के बारे में बात की, जो माता-पिता का सहयोग करने और बच्चों को उनकी पूरी क्षमता के साथ बढऩे में मदद करने पर फोकस करता है।

(आईएएनएस)

#उफ्फ्फ! दीपिका का इतने हसीन जलवे कवर पेज पर...


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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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