घर के मंदिर में दीपक जलाने के वास्तु नियम: जानें एक या दो, कितना दीपक जलाना है शुभ
By: Team Aapkisaheli | Posted: 24 Sep, 2026
घर के मंदिर में रोजाना दीपक जलाना अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ के समय जलता दीपक घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता का संचार करता है। इससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
रोज कितने दीपक जलाना सही है
अधिकतर लोगों के मन में यह संशय रहता है कि प्रतिदिन मंदिर में एक दीपक जलाना चाहिए या दो। वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोजाना कम से कम एक दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है। आमतौर पर सुबह और शाम की आरती के समय एक-एक दीपक जलाया जाता है।
वहीं कई परिवारों में दो दीपक जलाने की भी परंपरा है। इनमें से एक दीपक भगवान के निमित्त और दूसरा माता लक्ष्मी या कुलदेवता के नाम से जलाया जाता है। शास्त्रों में ऐसा कोई कठोर नियम नहीं है कि दो ही दीपक जलाना जरूरी है। यदि पूर्ण श्रद्धा और नियमितता के साथ रोजाना एक दीपक भी जलाया जाए तो उसका समान शुभ फल प्राप्त होता है।
घी या तेल का सही चयन
पूजा में देसी घी का दीपक जलाना सबसे उत्तम और शुभ माना जाता है। भगवान शिव और शनिदेव की पूजा में तिल के तेल का दीपक जलाना फलदायी माना गया है। विशेष पूजा या अनुष्ठान के दौरान सरसों के तेल के दीपक का उपयोग भी किया जाता है।
दीपक रखने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर में दीपक का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इन दिशाओं में दीपक स्थापित करने से घर में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
दीपक जलाने से पहले पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें। हमेशा साफ और सूती रूई की बाती का ही प्रयोग करें। जलते हुए दीपक को कभी भी फूंक मारकर न बुझाएं। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी का खतरा न रहे।
धार्मिक दृष्टिकोण से दीपक की संख्या से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आपकी श्रद्धा भक्ति और पूजा की नियमितता है। मन में सकारात्मक भाव और ईश्वर का ध्यान रखकर जलाया गया एक दीपक भी घर में खुशहाली लाने के लिए पर्याप्त होता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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