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बंदर के काटने पर नहीं है डरने की बात, तुरंत अपनाएं ये टिप्स

By: Team Aapkisaheli | Posted: 08 Jun, 2026

बंदर के काटने पर नहीं है डरने की बात, तुरंत अपनाएं ये टिप्स
कई बार मंदिर, पार्क या पहाड़ी इलाकों में घूमते समय बंदर अचानक हमला कर देते हैं या काट लेते हैं। ऐसी स्थिति में लोग घबरा जाते हैं और समझ नहीं पाते कि सबसे पहले क्या करना चाहिए। हालांकि बंदर के काटने को हल्के में लेना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे इंफेक्शन और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है। सही समय पर सही कदम उठाने से स्थिति को काफी हद तक संभाला जा सकता है। अक्सर लोग घरेलू उपायों में समय बर्बाद कर देते हैं, जबकि तुरंत प्राथमिक उपचार और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी माना जाता है। अगर सही तरीके से घाव की सफाई और इलाज किया जाए, तो संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। सबसे पहले घाव को अच्छी तरह साफ करें
अगर बंदर काट ले, तो सबसे पहला काम घाव को तुरंत साफ करना माना जाता है। घाव वाली जगह को बहते पानी और साबुन से कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इससे बैक्टीरिया और वायरस का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। कई लोग घाव को सिर्फ पानी से धोकर छोड़ देते हैं, लेकिन साबुन का इस्तेमाल करना भी जरूरी माना जाता है। साफ करने के बाद एंटीसेप्टिक लगाना फायदेमंद हो सकता है।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
बंदर के काटने के बाद डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी माना जाता है। कई मामलों में रेबीज वैक्सीन और टिटनेस इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। चाहे घाव छोटा ही क्यों न हो, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर घाव की स्थिति देखकर सही इलाज और जरूरी दवाइयों की सलाह दे सकते हैं। समय पर इलाज कराने से संक्रमण का खतरा काफी कम हो सकता है। इसलिए घरेलू इलाज पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं माना जाता।
घाव को ढककर रखें और छेड़छाड़ न करें
कई लोग बंदर के काटने के बाद घाव पर मिट्टी, हल्दी या दूसरे घरेलू पदार्थ लगा देते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है। घाव को साफ और सूखा रखना जरूरी माना जाता है। जरूरत हो तो साफ पट्टी से उसे हल्के तरीके से ढक सकते हैं। बार-बार घाव को छूने या खुजलाने से इंफेक्शन बढ़ने का खतरा हो सकता है। इसलिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।
बंदरों से दूरी बनाकर रखें
बंदर अक्सर खाने की चीजें देखकर आक्रामक हो सकते हैं। इसलिए मंदिर, पर्यटन स्थल या जंगल वाले इलाकों में बंदरों के ज्यादा करीब जाने से बचना चाहिए। उन्हें चिढ़ाना, खाना दिखाना या छूने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों को भी बंदरों से दूरी बनाए रखने की सलाह देनी चाहिए। थोड़ी सावधानी और सही जानकारी की मदद से ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है और किसी भी परेशानी की स्थिति में सही कदम उठाए जा सकते हैं।

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