घर में खुशहाली और तरक्की लाएगा दक्षिण पश्चिम कोना जाने वास्तु के खास नियम
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 Aug, 2026
वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से का अपना अलग महत्व बताया गया है। इनमें से दक्षिण पश्चिम दिशा को सबसे खास और प्रभावशाली माना जाता है। यह दिशा घर में मजबूती स्थिरता और आपसी रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने में मदद करती है। यदि इस दिशा का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो घर में सुख समृद्धि और आर्थिक मजबूती बनी रहती है।परिवार के मुखिया या घर के मुख्य सदस्य के लिए मास्टर बेडरूम हमेशा इसी दिशा में बनाना चाहिए। ऐसा करने से निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और जीवन में स्थिरता आती है।आर्थिक मजबूती के लिए तिजोरी या अलमारी भी दक्षिण पश्चिम हिस्से में रखनी चाहिए। ध्यान रहे कि तिजोरी का मुंह हमेशा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए क्योंकि उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की मानी जाती है। इसके अलावा घर की भारी अलमारियां और वजनदार सामान भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना ही शुभ माना जाता है।वास्तु के अनुसार कुछ चीजों को दक्षिण पश्चिम दिशा में बनाने से बचना चाहिए। इस कोने में कभी भी रसोईघर नहीं बनाना चाहिए। रसोई के लिए सबसे सही जगह दक्षिण पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण होती है। इसी तरह पूजा घर भी इस दिशा में नहीं होना चाहिए। मंदिर के लिए उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को ही सबसे उत्तम माना गया है। घर का बाथरूम भी दक्षिण पश्चिम कोने में बनाने से परहेज करना चाहिए।घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा को हमेशा हल्का साफ और खुला रखना चाहिए। इसके विपरीत दक्षिण और पश्चिम दिशा को थोड़ा भारी और ऊंचा रखना चाहिए। निर्माण के समय फर्श का ढलान उत्तर या पूर्व की ओर रखना शुभ माना जाता है। इन आसान वास्तु नियमों को अपनाकर घर के माहौल को अधिक सकारात्मक
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