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बैशाख अमावस्या पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी, नोट कर लें राहुकाल

By: Team Aapkisaheli | Posted: 16 Apr, 2026

बैशाख अमावस्या पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी, नोट कर लें राहुकाल
नई दिल्ली। अमावस्या के दिन पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म करने का विशेष महत्व है। साथ ही कालसर्प दोष निवारण की पूजा भी इस दिन करना अत्यंत शुभ होता है। शुक्रवार 17 अप्रैल को बैशाख अमावस्या है। इस तिथि पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या को अमावस या अमावसी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि अमावस्या पर पितरों को तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनके आशीर्वाद बने रहते हैं। 

कालसर्प दोष से पीड़ित लोग इस दिन विशेष पूजा-अनुष्ठान कर दोष का निवारण कर सकते हैं। बैशाख अमावस्या पर श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने से पितृ दोष शांत होता है। कालसर्प दोष निवारण के लिए भी यह दिन उत्तम है। बैशाख अमावस्या पर सूर्योदय 5 बजकर 54 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 48 मिनट पर होगा। 

अमावस्या तिथि शुक्रवार की दोपहर 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि (सूर्य उदय के समय जो तिथि हो) के अनुसार, पूरे दिन अमावस्या तिथि का ही मान होगा। नक्षत्र रेवती दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक, उसके बाद अश्विनी नक्षत्र लगेगा। योग वैधृति सुबह 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा व करण चतुष्पाद सुबह 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। 

दृक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा। अमृत सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 9 बजकर 50 मिनट से 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक व गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। 

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 3 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। वहीं, गुलिक काल सुबह 7 बजकर 31 मिनट से 9 बजकर 7 मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 29 मिनट से 9 बजकर 20 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

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