Parenting Tips: बच्चे दांत निकलने पर हो जाते हैं चिड़चिड़े, इन तरीकों से दर्द को करें कम
By: Team Aapkisaheli | Posted: 10 Apr, 2026
जब छोटे बच्चों के दांत निकलने शुरू होते हैं, तो यह उनके विकास का एक अहम पड़ाव होता है, लेकिन इसके साथ ही कई परेशानियां भी आती हैं। इस दौरान बच्चे अक्सर चिड़चिड़े हो जाते हैं, बार-बार रोते हैं और खाने-पीने में भी रुचि कम दिखाते हैं। मसूड़ों में दर्द, सूजन और खुजली की वजह से वे असहज महसूस करते हैं, जिससे माता-पिता भी परेशान हो जाते हैं। कई बार बच्चों को हल्का बुखार या नींद में परेशानी भी हो सकती है। ऐसे समय में सही देखभाल और कुछ आसान उपाय अपनाकर बच्चे की तकलीफ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अगर आप भी अपने बच्चे के टीथिंग फेज से गुजर रहे हैं, तो कुछ घरेलू और सुरक्षित तरीकों से उनकी परेशानी को दूर कर सकते हैं।
ठंडी चीजों से मसूड़ों को दें आरामजब बच्चे के दांत निकलते हैं, तो उनके मसूड़ों में सूजन और दर्द होना आम बात है। ऐसे में ठंडी चीजें उन्हें राहत देने में काफी मदद करती हैं। आप बच्चे को ठंडा टीथर दे सकते हैं, जिसे फ्रिज में थोड़ी देर रखने के बाद इस्तेमाल कराया जा सकता है। ठंडक मसूड़ों को सुन्न करके दर्द और खुजली को कम करती है। इसके अलावा, साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर बच्चे को चबाने के लिए दिया जा सकता है। ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा ठंडी या बर्फ जैसी चीजें न दें, क्योंकि इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है।
मसूड़ों की हल्की मालिश करेंबच्चे के मसूड़ों की हल्की मालिश करने से भी उसे काफी आराम मिलता है। साफ हाथों से या सिलिकॉन फिंगर ब्रश की मदद से धीरे-धीरे मसूड़ों को रगड़ें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और दर्द में राहत मिलती है। मालिश करते समय ध्यान रखें कि नाखून कटे हुए हों और हाथ पूरी तरह साफ हों, ताकि किसी तरह का इंफेक्शन न हो। यह तरीका न सिर्फ दर्द कम करता है बल्कि बच्चे को शांत करने में भी मदद करता है।
बच्चे का ध्यान भटकाएंदांत निकलने के दौरान बच्चे का ध्यान दर्द से हटाना भी जरूरी होता है। इसके लिए आप उसे खिलौनों से खेलाएं, गाने सुनाएं या उसके साथ समय बिताएं। जब बच्चा किसी गतिविधि में व्यस्त रहता है, तो उसका ध्यान दर्द से हट जाता है और वह कम चिड़चिड़ा महसूस करता है। माता-पिता का प्यार और साथ इस समय बच्चे को सबसे ज्यादा सुकून देता है।
सही खानपान का रखें ध्यानटीथिंग के दौरान बच्चे का खाने का मन कम हो सकता है, इसलिए उसे हल्का और नरम खाना दें। ठंडी प्यूरी, दही या फल उसे आराम दे सकते हैं। अगर बच्चा बहुत छोटा है, तो मां का दूध या फॉर्मूला फीड जारी रखें। ध्यान रखें कि बच्चे को ऐसी चीजें न दें जो मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। संतुलित और सही आहार बच्चे को इस दौर से आसानी से गुजरने में मदद करता है।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेंअगर बच्चे का दर्द बहुत ज्यादा हो, तेज बुखार आए या वह लगातार परेशान रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में डॉक्टर सुरक्षित दवाइयां या जेल सुझा सकते हैं। खुद से कोई भी दवा देने से बचें। सही समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेने से बच्चे की सेहत सुरक्षित रहती है और माता-पिता को भी सही दिशा मिलती है।
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