गर्मियों में चाहिए सुकून भरी नींद तो ऐसे चुनें अपनी बेडशीट
By: Team Aapkisaheli | Posted: 25 Mar, 2026
जैसे-जैसे उत्तर भारत और विशेषकर जयपुर जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुँचने लगता है दिन की तपिश के साथ साथ रातें भी बेचैन करने वाली हो जाती हैं। हम अक्सर गर्मियों की तैयारी में कूलर की सर्विस कराते हैं या एसी की सेटिंग चेक करते हैं लेकिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण चीज़ को नज़रअंदाज़ कर देते हैं वह है हमारी बेडशीट।
नींद के विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय हमारे शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से कम होना चाहिए ताकि हम गहरी नींद में जा सकें। लेकिन अगर आपकी बेडशीट का फैब्रिक गलत है तो वह शरीर की गर्मी को बाहर निकलने नहीं देता जिससे पसीना आता है और नींद बार-बार टूटती है।
एक सही बेडशीट सिर्फ बिस्तर की शोभा नहीं बढ़ाती बल्कि वह एक थर्मो रेगुलेटर की तरह काम करती है जो आपकी त्वचा और वातावरण के बीच हवा का सही संतुलन बनाए रखती है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस चिलचिलाती गर्मी में अपने बेडरूम को एक ठंडे सुकून भरे नखलिस्तान में बदलने के लिए आपको बेडशीट का चुनाव करते समय किन बारीकियों का ध्यान रखना चाहिए।
गर्मियों में सुकून भरी नींद के लिए कैसी हो आपकी बेडशीट: तपती गर्मी और उमस भरी रातों में पंखे और एसी तो हम चला लेते हैं लेकिन अक्सर अपनी बेडशीट पर ध्यान देना भूल जाते हैं। गलत फैब्रिक की चादर न सिर्फ आपकी नींद खराब करती है बल्कि पसीने के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। बेहतर नींद के लिए बेडशीट खरीदते समय इन चार मुख्य बातों का खास ख्याल रखें।
फैब्रिक का सही चुनाव सबसे महत्वपूर्ण:
गर्मियों में बेडशीट का सांस लेना जरूरी है। इसके लिए ये विकल्प सबसे बेस्ट हैं।
कॉटन -शुद्ध सूती चादर पसीने को सोखती है और शरीर को ठंडा रखती है।
लिनन - यह कॉटन से भी अधिक टिकाऊ और ठंडा होता है। इसमें हवा का प्रवाह बेहतरीन होता है।
बम्बू फैब्रिक- आजकल काफी ट्रेंड में है। यह प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल और बहुत मुलायम होता है।
थ्रेड काउंट पर ध्यान दें: ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा थ्रेड काउंट उतनी अच्छी बेडशीट। लेकिन गर्मियों में यह उल्टा काम करता है। गर्मियों के लिए 200 से 400 थ्रेड काउंट वाली बेडशीट सबसे अच्छी मानी जाती है। इससे ज्यादा थ्रेड काउंट होने पर बुनाई बहुत घनी हो जाती है जिससे हवा का पास होना मुश्किल हो जाता है और चादर गर्म लगने लगती है।
रंगों का मनोविज्ञानः गहरे रंग जैसे काला गहरा नीला या मरून से बचना चाहिए क्योंकि वे गर्मी को सोखते हैं। इसके बजाय हल्के रंगों का चुनाव करें।
सफेद हल्का नीला बेबी पिंक पुदीना या क्रीम जैसे हल्के रंगों का प्रयोग करें। हल्के रंग आंखों को सुकून देते हैं और कमरे के तापमान को मनोवैज्ञानिक रूप से कम महसूस कराते हैं।
सिंथेटिक कपड़ों को कहें नाः पॉलिएस्टर साटन या सिल्क जैसी बेडशीट्स देखने में सुंदर लग सकती हैं लेकिन गर्मियों में ये पसीना नहीं सोख पातीं। इनसे त्वचा पर चिपचिपाहट महसूस होती है और रैशेज होने का डर रहता है। बेडशीट को हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर धोएं।
गर्मियों में पसीने और धूल की वजह से बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं। सूती चादर को ठंडे पानी में धोने से उसकी ताजगी बनी रहती है। एक सही बेडशीट आपके सोने के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है। इस गर्मी स्टाइल से ज्यादा आराम को प्राथमिकता दें और प्राकृतिक फैब्रिक का ही चुनाव करें।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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