Parenting: नए जमाने की स्मार्ट पैरेंटिंग बिना दबाव के बच्चों को कैसे बनाएं पढ़ाई में अव्वल
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 May, 2026
बच्चों की मेहनत जब रिजल्ट में नहीं बदलती तो माता पिता अक्सर परेशान हो जाते हैं। केवल घंटों किताबें लेकर बैठने से सफलता नहीं मिलती बल्कि पढ़ाई के तरीके में बदलाव लाना जरूरी है। जानिए कैसे छोटे बदलाव बच्चे के करियर को नई दिशा दे सकते हैं।
पुराने अंकों के बोझ से आजादी: पिछले साल के कम नंबरों को लेकर बच्चे को बार बार टोकना बंद करें। बीता हुआ कल केवल एक अनुभव है और आने वाला साल एक खाली पन्ना है जिस पर नई कहानी लिखी जा सकती है। बच्चे को यह विश्वास दिलाएं कि आप उसके अंकों से ज्यादा उसकी कोशिशों को प्यार करते हैं।
स्टडी कॉर्नर और माहौल का जादू: बच्चे के पढ़ने की जगह साफ सुथरी और शांत होनी चाहिए। जिस कमरे में बच्चा पढ़ता है वहां रोशनी अच्छी हो और खिलौने या टीवी जैसी ध्यान भटकाने वाली चीजें कम हों। एक व्यवस्थित जगह दिमाग को एकाग्र करने में मदद करती है।
स्क्रीन टाइम और डिजिटल डिटॉक्स: मोबाइल और गैजेट्स आज के समय की सबसे बड़ी रुकावट हैं। पढ़ाई के दौरान फोन को पूरी तरह दूसरे कमरे में रखें। रिसर्च कहती है कि फोन पास होने मात्र से दिमाग की सोचने की क्षमता कम हो जाती है। दिन में कुछ घंटे बिना इंटरनेट के बिताने की आदत डालें।
शारीरिक सक्रियता और खेलकूद: सिर्फ पढ़ाई ही जरूरी नहीं है बल्कि पसीना बहाना भी आवश्यक है। शाम को कम से कम एक घंटा बाहर खेलने या कसरत करने से दिमाग में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। इससे याद रखने की शक्ति तेज होती है और बच्चा मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करता है।
रटने के बजाय समझने पर जोर: बच्चे को सवालों के जवाब रटाने के बजाय उनके पीछे का कारण समझाएं। जब बच्चा किसी विषय को कहानी की तरह समझता है तो वह उसे कभी नहीं भूलता। मुश्किल विषयों को चार्ट या चित्र बनाकर समझाना ज्यादा असरदार होता है।
प्रशंसा की शक्ति का प्रयोग: हर छोटी जीत पर बच्चे का उत्साह बढ़ाएं। अगर उसने एक छोटा सा टेस्ट भी अच्छा किया है तो उसकी तारीफ करें। आपका प्रोत्साहन उसके अंदर खुद से पढ़ने की इच्छा पैदा करेगा जो किसी भी डांट से ज्यादा प्रभावी होता है।
पर्याप्त नींद और संतुलित आहार: देर रात तक जागकर पढ़ना सेहत और याददाश्त दोनों के लिए बुरा है। सात से आठ घंटे की गहरी नींद दिमाग को नई जानकारी सहेजने में मदद करती है। खाने में फल और सूखे मेवे शामिल करें क्योंकि जंक फूड से आने वाली सुस्ती पढ़ाई में बाधा बनती है।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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