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Gardening: गुड़हल पर कलियां तो आती हैं पर खिलने से पहले ही गिर जाती हैं, अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स फूलों से भर जाएगा गमला

By: Team Aapkisaheli | Posted: 03 Jun, 2026

Gardening: गुड़हल पर कलियां तो आती हैं पर खिलने से पहले ही गिर जाती हैं, अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स फूलों से भर जाएगा गमला
बगीचे या बालकनी में खिला हुआ गुड़हल का पौधा न सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाता है बल्कि पूजा-पाठ के लिए भी बेहद पवित्र माना जाता है। लेकिन कई बार पूरी देखभाल के बाद भी एक आम समस्या सामने आती है कलियां खिलने से पहले ही मुरझाकर या सूखकर गिरने लगती हैं। अगर आपका पौधा भी इस समस्या से जूझ रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। बस अपनी गार्डनिंग रूटीन में ये 5 आसान बदलाव करें और देखें कि कैसे आपका पौधा फूलों से लद जाता है। 

धूप की खुराक बढ़ाएं 5-6 घंटे की सीधी धूप: 

गुड़हल एक ट्रॉपिकल पौधा है जिसे फलने-फूलने के लिए भरपूर रोशनी की जरूरत होती है।धूप की कमी के कारण पौधा अपनी कलियों को पूरा विकसित नहीं कर पाता और वे गिरने लगती हैं। अपने गमले को घर के ऐसे कोने या बालकनी में रखें जहां उसे रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी और अच्छी धूप मिल सके। 

पानी का सही संतुलन: 
पौधे को नमी तो पसंद है लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी इसकी दुश्मन है। ओवर-वॉटरिंग गमले में पानी जमा होने से जड़ें सड़ने लगती हैं और उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे कलियां झड़ जाती हैं। अंडर-वॉटरिंग कम पानी बहुत कम पानी देने से पौधा तनाव में आ जाता है और कलियां गिरा देता है। पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी हुई महसूस हो। साथ ही गमले का ड्रेनेज होल हमेशा साफ रखें। 

सही पोषण नाइट्रोजन को कहें ना पोटेशियम को हां: 
अक्सर लोग पौधे में ऐसी खाद डाल देते हैं जिससे सिर्फ पत्तियां हरी-भरी होती हैं फूल नहीं आते। ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद से सिर्फ पत्तियां बढ़ती हैं। फूलों के लिए पोटेशियम सबसे जरूरी है। महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद के साथ केले के छिलके से बनी सूखी खाद या थोड़ा सा रॉक फॉस्फेट मिलाएं। यह कलियों को मजबूती देगा। 

कीटों से सुरक्षा: 

गुड़हल के पौधे पर अक्सर सफेद रंग के चिपचिपे कीड़े और एफिड्स हमला करते हैं। ये कलियों का रस चूस लेते हैं जिससे वे कमजोर होकर गिर जाती हैं। हर हफ्ते पौधे का निरीक्षण करें। समस्या दिखने पर 1 लीटर पानी में 1 चम्मच नीम का तेल और कुछ बूंदें लिक्विड सोप की मिलाकर पौधे पर अच्छी तरह स्प्रे करें। 

मौसम के शॉक से बचाएं: 
तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होने से भी पौधा तनाव में आ जाता है। बहुत तेज धूप और लू से बचाने के लिए दोपहर के समय पौधे को ग्रीन नेट की छाया में रखें। ताजगी के लिए सुबह या शाम के समय पौधे की पत्तियों पर पानी का हल्का छिड़काव करें इससे पौधे के आसपास नमी बनी रहेगी। पौधों की मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई जरूर करते रहें। इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है और खाद का असर दोगुना तेजी से होता है। 

-हेमलता शर्मा, जयपुर

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