1 of 1 parts

ऊंचाई पर ट्रैवलिंग के दौरान खराब क्यों हो जाता है पेट..जाने से पहले कर लें ये तैयारी

By: Team Aapkisaheli | Posted: 06 Jan, 2026

ऊंचाई पर ट्रैवलिंग के दौरान खराब क्यों हो जाता है पेट..जाने से पहले कर लें ये तैयारी
नई दिल्ली। नए साल में लोग छुट्टियां मनाने पहाड़ों और ऊंची जगहों पर घूमने जा रहे हैं। लेकिन ऊंचाई पर यात्रा करते समय अक्सर पेट खराब हो जाता है। इसका मुख्य कारण हाइपोक्सिया यानी ऑक्सीजन की कमी है। ऊंचाई पर वेगस नर्व सही काम नहीं करती, पाचन धीमा पड़ जाता है, गैस बनती है और पेट फूलता है। ठंड भी पाचन को और धीमा कर देती है। ट्रैवल से माइक्रोबायोम पर भी असर पड़ता है।
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने ऊंचाई पर ट्रैवल करने वालों के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी। न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि हाई एल्टीट्यूड पर सिर्फ पेट फूलना ही नहीं होता, बल्कि पूरा पेट बेतरतीब हो जाता है। इसका मुख्य कारण है हाइपोक्सिया, यानी ऑक्सीजन की कमी, जो शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। इससे पाचन भी प्रभावित होता है।

उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि हाइपोक्सिया जीआई मोटिलिटी, यानी आंतों की गति को धीमा करता है पाचन में बदलाव करता है। ऊंचाई बढ़ने पर हाइपोक्सिया के कारण वेगस नर्व ठीक से काम नहीं करती। वेगस नर्व पाचन को कंट्रोल करती है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी से यह खराब हो जाती है। नतीजतन, आंतों की गतिशीलता (मोटिलिटी) धीमी पड़ जाती है, एंजाइम्स सही से रिलीज नहीं होते और पेट देर से खाली होता है। इससे गैस, ब्लोटिंग और असहजता बढ़ जाती है।

इसके अलावा, ऊंचाई पर ठंड का मौसम सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर देता है, जो फाइट या फ्लाइट मोड है। यह मोड शरीर को एनर्जी बचाने के लिए मजबूर करता है, जिससे पाचन और धीमा हो जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार यह सिर्फ एयर प्रेशर की समस्या नहीं है, बल्कि पूरा नर्वस सिस्टम एनर्जी कंजर्वेशन मोड में चला जाता है। ट्रैवल का असर भी पेट के माइक्रोबायोम पर पड़ता है, जो गट बैक्टीरिया का संतुलन है। ऊंचाई पर यह असर और बढ़ जाता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं गंभीर हो सकती हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह है कि जिस तरह सूटकेस पैक करने से पहले सोच-समझकर तैयारी करते हैं, उसी तरह पेट को भी तैयार करें। सफर पर निकलने से पहले हल्का भोजन लें, हाइड्रेशन का ध्यान रखें और ऐसे भोजन या नाश्ते का चुनाव करें, जो पाचन को सपोर्ट करें।

#क्या देखा अपने: दिव्यांका त्रिपाठी का ये नया अदांज


High Altitude Hypoxia, Vagus Nerve Function, Mountain Sickness 2026, Altitude Bloating, Travel Gut Health, Hypobaric Hypoxia Digestion, High Altitude Acclimatization, Slow Metabolism Mountains, Winter Travel Wellness, Oxygen and Digestion,

Mixed Bag

  • Health Tips : सर्दियों में लोग क्यों करते हैं सीने में दर्द की शिकायत, यहां जानिए आयुर्वेद में क्या है समाधानHealth Tips : सर्दियों में लोग क्यों करते हैं सीने में दर्द की शिकायत, यहां जानिए आयुर्वेद में क्या है समाधान
    मौसम में परिवर्तन का सीधा असर मानव शरीर पर पड़ता है और शरीर की नसें संकुचित होने लगती हैं। ठंड की वजह से फेफड़ों में भी संकुचन बढ़ जाता है और सर्द हवा छाती में कफ की वृद्धि कर देती है, जिससे सीने में दर्द होना, सांस लेने में परेशानी, बोलने में परेशानी और सीने में खिंचाव भी महसूस होता है। ये सभी छाती में जकड़ने के लक्षण हैं, जो बड़े से लेकर बच्चों तक को परेशान करते हैं।...
  • Home Remedies :  प्रदूषण से घुट रहा है दम, सांस लेना भी है मुश्किल…कारगर हैं ये घरेलू उपायHome Remedies : प्रदूषण से घुट रहा है दम, सांस लेना भी है मुश्किल…कारगर हैं ये घरेलू उपाय
    आयुष मंत्रालय ने श्वसन स्वास्थ्य के लिए कुछ प्रैक्टिकल और सरल उपाय सुझाए हैं। पहला उपाय है गर्म खारे पानी से गरारे करना। इससे गले की जलन, खराश और संक्रमण कम होता है। रोजाना सुबह-शाम गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से प्रदूषण के कण गले में जम नहीं पाते और सांस की नली साफ रहती है।...
  • Home Remedies : सर्दियों में औषधि की तरह है कुलथी की दाल, शरीर को देती है अनगिनत लाभHome Remedies : सर्दियों में औषधि की तरह है कुलथी की दाल, शरीर को देती है अनगिनत लाभ
    उत्तराखंड और दक्षिण भारत में कुलथी की दाल की पैदावार होती है और ये वहां की थाली का मुख्य आहार भी है। इसे हॉर्स ग्राम भी कहते हैं। आयुर्वेद में साधारण सी दिखने वाली दाल को औषधियों गुणों से भरपूर माना जाता है और सर्दियों में इसका सेवन बहुत लाभकारी माना गया है। कुलथी की दाल की तासीर गर्म होती है, और ये वात और कफ को भी संतुलित करने में मदद करती है। तो चलिए, आज आपको कुलथी की दाल के सेवन के फायदे बताते हैं।...
  • Health Advice : सुबह की एक सही शुरुआत बदल सकती है पूरा दिन, रोजमर्रा की इन आदतों से सेहत में लाए सुधारHealth Advice : सुबह की एक सही शुरुआत बदल सकती है पूरा दिन, रोजमर्रा की इन आदतों से सेहत में लाए सुधार
    आयुर्वेद के मुताबिक, दिन की शुरुआत गर्म पानी से करनी चाहिए। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। इससे अग्नि, यानी पाचन शक्ति, मजबूत होती है। अगर इसमें थोड़ा नींबू निचोड़ लिया जाए, तो इसका असर और बढ़ जाता है। यह आदत धीरे-धीरे शरीर की सफाई में मदद करती है और वजन संतुलन में भी सहायक हो सकती है।...

News

चांदी ने फिर बनाया नया ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड ; कीमतें करीब 5,000 रुपए बढ़ीं
चांदी ने फिर बनाया नया ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड ; कीमतें करीब 5,000 रुपए बढ़ीं

Ifairer