1 of 1 parts

बदलाव भरा रहा छोटे परदे के लिए वर्ष 2011

By: Team Aapkisaheli | Posted: 17 Jan, 2012

बदलाव भरा रहा छोटे परदे के लिए वर्ष 2011
जिस तरह से बॉलीवुड में वर्ष 2011 में कई बदलाव देखने को मिले उसी तरह से छोटे परदे पर भी वर्ष 2011 काफी बदलावों वाला वर्ष रहा। इस वर्ष टीवी के छोटे परदे पर कई नामी गिरामी बॉलीवुड के सितारों का आगमन जहां उनके लिए शुभ साबित हुआ वहीं वह छोटे परदे के दर्शकों के लिए भी लाभकारी रहा। इन सितारों के आगमन से छोटे परदे को देखने वालों का प्रतिशत बढा और कई कार्यक्रमों ने इनकी बदौलत अच्छी सफलता प्राप्त की। टीवी इंडस्ट्री के लिए यह साल काफी बदलावों का रहा। शोज के करैक्टर्स से लेकर कंटेंट तक में काफी चेंज आया। यही नहीं, काफी समय से सामाजिक मुद्दों पर फोकस कर रहे छोटे पर्दे के निर्देशकों ने इस साल यूथ बेस्ड और कंटम्पररी शो की ओर मुड गए। टीवी के लिए यह साल ठीक-ठाक रहा। इस साल लगातार कई शोज को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। हालांकि कुछ सीरियल शुरूआत से ही ऎसे फिसले कि उनके ऑफ एयर होने की नौबत आ गई। वैसे, कई नए शोज देखते ही देखते दर्शकों के दिलों पर छा गए। वर्ष 2011 में दर्शकों में सर्वाधिक चर्चा पाने में प्रथम रहा बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत किया गया शो "कौन बनेगा करोडपति"।

इस शो ने एक बार फिर इतिहास रचा, जब इसकी हाइएस्ट टीआरपी 8.7 पर पहुंच गई। इस शो ने अपनी टैग लाइन "कोई इंसान छोटा नहीं होता" को चरितार्थ करते हुए इस बार बिहार के मोतीहारी जिले के एक ऎसे आम इंसान सुशील कुमार को करोडपति बनाया जो एक कम्प्यूटर शिक्षक है, जिसे मात्र 6 हजार रूपये माहवार तनख्वाह मिलती है। इसके अतिरिक्त इस शो से जिन विजेताओं ने लाखों रूपये का पुरस्कार जीता वे सब भी बेहद आम इंसानों की श्रेणी में शामिल हुए। सोनी टीवी का यह रियलिटी शो इस वर्ष 2012 अगस्त से एक बार फिर दर्शकों के सम्मुख होगा। जब से यह समाचार टीवी उद्योग में फैला है तभी से अन्य टीवी चैनल इस शो के मुकाबले अपने प्रसारित होने वाले शोज पर अभी से नजर रखना शुरू कर रहे हैं। सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले तीन और कार्यक्रम ऎसे रहे जिन्होंने दर्शकों की जबरदस्त वाहवाही लूटने में कामयाबी पाई है। इस वर्ष इस चैनल पर जिस शो ने पूरे परिवार को अपने साथ जोडने में कामयाबी पाई वह "बडे अच्छे लगते हैं" रहा। इस शो के द्वारा टीवी के परदे पर दो मंझे हुए अदाकारों राम कपूर और साक्षी तंवर की वापसी हुई। अपनी जीवंत अदाकारी के चलते इन दोनों सितारों ने इस शो को जनप्रिय बनाने में सफलता प्राप्त की। अपने मोटापे के बावजूद राम कपूर और अपनी उम्र के मुताबिक साक्षी तंवर ने धारावाहिक के किरदारों राम कपूर और प्रिया को अभिनीत करने में सफलता प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इस शो के निर्देशक की तारीफ करेंगे जिन्होंने शो में कई ऎसे रोचक मोड अब तक पेश किए जिससे इसे देखने वालों में उत्सुकता जारी रहती है। नव वर्ष से दो दिन से प्रसारित हो रही कडियों के जरिए निर्देशक व लेखक ने जो नाटकीय मोड धारावाहिक में डाले हैं उनसे इस धारावाहिक को देखने की उत्सुकता जबरदस्त ठंड के बावजूद दर्शकों में बढती जा रही है। देर रात 10.30 बजे प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम को देखने का जज्बा दर्शकों में बरकरार है। ऎसा ही कुछ आलम रात दस बजे प्रसारित होने वाले शो सास बिना ससुराल का है। सास बिना ससुराल एक ऎसा धारावाहिक है जो पूरी तरह से युवाओं पर केन्द्रित है। पारिवारिक माहौल के इर्द गिर्द घूमते इस शो में युवाओं को एकता के डोर में बंधने की सीख देते हुए यह दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि आज के माहौल में जरूरी है कि परिवार संयुक्त रूप में एक साथ रहे। इसी चैनल पर हाल ही में शुरू हुए धारावाहिक परवरिश भी शुरूआत से ही अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। श्वेता तिवारी के साथ विवेक मुशरान के अभिनय से सजे इस धारावाहिक में दो एकल परिवारों की कहानी बच्चों को केन्द्र में रखकर बुनी गई है। किशोरावस्था के बच्चों के मध्य किस तरह से माता-पिता अपनी सोच, अपनी भावनाओं और उन पर अपनी पकड उनके विचारों के अनुरूप ढालने में सफलता प्राप्त करते हैं यही इस धारावाहिक का मुख्य बिन्दु है। इन्हीं धारावाहिकों में एक और धारावाहिक ऎसा है जिसने शुरूआत तो धीमी गति से की लेकिन अब उसके दर्शकों की संख्या में इजाफा होने लगा है। यह धारावाहिक है मोहनीश बहल की वापसी वाला "कुछ तो लोग कहेंगे" जिसमें उनके साथ हैं कृतिका। पंजाबी परिवार की इस युवा लडकी ने अपनी उम्र से दोगुने मोहनीश बहल के साथ जिस खूबसूरती के साथ अपनी अभिनय क्षमता को प्रकट किया है वह दर्शकों को उनके साथ जोडने में सफल हो रहा है। हालांकि इस धारावाहिक को उन लोगों द्वारा पसन्द किया जा रहा है जो प्रौढावस्था में प्रवेश कर रहे हैं अर्थात् वे दर्शक जो 45 वर्ष से ऊपर की उम्र के हो चुके हैं और जिन्हें इस तरह का धारावाहिक अपने अतीत में झांकने का मौका दे रहा है। धारावाहिकों की सफलता के मामले में जी टीवी अपनी साख को बरकरार नहीं रख पा रहा है। जी टीवी पर प्रसारित हो रहे एकता कपूर के धारावाहिक "पवित्र रिश्ता" को वो सफलता नहीं मिली है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इस धारावाहिक को दर्शकों में लोकप्रिय बनाने के कई प्रयास अब तक किए जा चुके हैं इसके बावजूद यह सिर्फ 2.8 की एवरेज टीआरपी लेकर चल रहा है। कमोबेश कुछ ऎसा ही हाल इसी चैनल पर प्रसारित हो रहे धारावाहिक "यहां मैं घर घर खेली" का है। इसे भी लगभग 2.6 की एवरेज टीआरपी मिल रही है। जी टीवी की ख्याति को थोडा बहुत आगे बढाने में सबसे आगे रहा "लिटिल चैम्प"। आठ वर्ष से चौदह वर्ष की उम्र पर आधारित संगीतमय यह कार्यक्रम इन प्रतिभागियों की गायन क्षमता को आंकने का नायाब नमूना रहा। इस कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ कैलाश खेर, अदनान सामी और जावेद अली मुख्य निर्णायक थे। इनके साथ महागुरू के रूप में सुप्रसिद्ध गायिका अल्का याज्ञनिक ने भी अहम् भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में सुरों की जो जंग पेश की गई वह तारीफे-काबिल थी। हर प्रतिभागी अपने हुनर का उस्ताद नजर आया लेकिन बाजी मारी जयपुर के दस वर्षीय अजमत हुसैन ने, जो एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हुए भी अपनी संगीत शिक्षा को बरकरार रख रहा है। हुनर के काबिल इस बालक को राजस्थान सरकार ने हाउसिंग बोर्ड में एक मकान और पांच लाख रूपये का पुरस्कार दिया गया। दर्शकों के बीच पिछले चार वर्ष से शुरू हुए चैनल कलर्स को सही पहचान दिलाने में कामयाब रहा शो "बालिका वधू" काफी टि्वस्ट एंड टर्न के साथ 5.00 के करीब की एवरेज टीआरपी के साथ लोगों के बीच लोकप्रिय बना रहा। इस धारावाहिक ने दर्शकों के सामने अपनी पहली कडी 21 जुलाई 2008 को पेश की थी। आज यह धारावाहिक 896 कडियों के प्रसारण के बावजूद अपनी लोकप्रियता बरकरार रखते हुए चल रहा है। वहीं "उतरन" की इच्छा और तपस्या के बीच हुई तमाम कंट्रोवर्सीज के साथ यह शो लगभग 3.1 की एवरेज टीआरपी के साथ लोगों के बीच अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा। कलर्स की ख्याति को बढाने में धारावाहिक "परिचय" का भी योगदान उल्लेखनीय है। इस धारावाहिक से समीर सोनी ने टीवी जगत में वापसी की है। समीर सोनी के लिए वर्ष 2011 खासा भाग्यशाली रहा है। इस वर्ष उन्होंने अभिनेत्री नीलम के साथ विवाह भी किया है। टीवी जगत की महारानी कहलाने वाली एकता कपूर द्वारा निर्मित "परिचय : नई जिन्दगी के सपनों का" धारावाहिक जो 9 अगस्त से प्रसारित हो रहा है। इस धारावाहिक लोकप्रियता के मामले में एकता
कपूर के धारावाहिक "पवित्र रिश्ता" को पीछे छोड दिया है। वहीं स्टार प्लस के "साथ निभाना साथिया" की सफलता खुद चैनल के लिए भी हैरानी की बात है। करीब 6.0 की एवरेज टीआरपी के साथ यह एवरग्रीन शो के रूप में चलता रहा। "प्रतिज्ञा" और "ये रिश्ता क्या कहलाता है" भी लोगों की पसंद बने रहे। कॉमेडी शोज वाले चैनल सब टीवी पर "तारक मेहता का उल्टा चश्मा" हर एज ग्रुप की पसंद बना रहा। इसी तरह सब टीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम एफआईआर ने अपना एक अलग दर्शक वर्ग बनाया है जो इसे देखना पसन्द करता है। सब टीवी पर ही हाल ही में शुरू हुए धारावाहिक "चिडियाघर" ने भी अपने साथ दर्शकों को जोडने में सफलता प्राप्त की है। परिस्थितिजन्य हास्य पर आधारित इस धारावाहिक की जान हैं रेलवे में टिकट चैकर की भूमिका निभाने वाले परेश। अपने बेमिसाल अभिनय से उन्होंने इस धारावाहिक को दर्शकों में जबरदस्त लोकप्रिय बनाया है। गौरतलब है कि परेश ने दस साल तक रेलवे में नौकरी की है और यही अनुभव उन्हें इस धारावाहिक के पात्र को अभिनीत करने में काम आ रहा है। नॉन - फिक्शन शोज में इस साल पहली बार डांस शो के जरिए धर्मेन्द्र और रितिक रोशन ने छोटे पर्दे पर एंट्री की। कलर्स चैनल के इंडिया गॉट टैलेंट के जरिए पहली बार दर्शकों के सामने आए धर्मेन्द्र ने जबरदस्त धमाल मचाते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज की। इस शो के प्रति दर्शकों का आकर्षण सिर्फ और सिर्फ धर्मेन्द्र थे। हालांकि उनके साथ बतौर निर्णायक अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और किरण खेर भी थी। ऋतिक रोशन ने भी स्टार प्लस के "जस्ट डांस" में जज की भूमिका निभाई। वैष्णवी मर्चेन्ट और फरहा खान सरीखी नृत्य निर्देशिकाओं के होते हुए भी ऋतिक का जलवा कुछ अलग ही रहा। वहीं संजय दत्त ने भी इस बार सलमान खान के साथ टीवी पर पदार्पण करते हुए "बिग बॉस" के जरिए छोटे परदे के दर्शकों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाबी प्राप्त की। इस शो का फाइनल शनिवार 7 जनवरी को प्रसारित होने वाली कडी में दिखाया जाएगा। इस साल छोटे पर्दे की सबसे दिलचस्प बात रही पुराने पॉपुलर चेहरों की वापसी। राम कपूर, साक्षी तंवर, श्वेता तिवारी, मोहनीश बहल , मिलिंद गुणाजी, समीर सोनी और शिल्पा राव जैसे कुछ ऎसे ही चेहरे हैं , जिन्होंने टीवी पर सफल वापसी की। वैसे, इस साल कई शोज में कई बडे रिप्लेसमेंट्स भी हुए। "पवित्र रिश्ता" के मानव यानी सुशांत सिंह राजपूत ने यह शो छोड दिया और एकता कपूर के कहने पर हितेन तेजवानी ने उनकी जगह ली। जीटीवी के शो "राम मिलाई जोडी" की लीड मोना यानी प्रियाल गोर की जगह सारा खान ने ली। इसी साल कलर्स के हिट शो "लागी तुझसे लगन" में मिशेल रहेजा की जगह शब्बीर आहलूवालिया आए। हालांकि इसके बाद इस शो की टीआरपी काफी नीचे चली गई। सुनने में आ रहा है कि शो "लागी तुझसे लगन" जल्द ही ऑफ एयर होने वाला है। दरअसल, टीआरपी के कम हो जाने की वजह से यह शो बंद किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह निर्माता और चैनल का मिला जुला फैसला है। असल में, शो में बहुत से टि्वस्ट लाने के बावजूद इसकी टीआरपी में कुछ खास बढत नहीं हुई। वैसे भी अब कहानी में कहने लायक कुछ खास बचा नहीं है। यही वजह है कि शो को ऑफ एयर किया जा रहा है। हालांकि, इस बात का कोई ऑफिशल अनाउंसमेंट नहीं हुआ है, लेकिन छह जनवरी को इस शो के लास्ट एपिसोड के टेलिकास्ट होने की बात कही जा रही है। वहीं साल की शुरूआत में "बालिका वधु" में सबकी चहेती सुगणा का किरदार निभाने वालीं विभा आनंद ने भी यह शो छोड दिया और जीटीवी के लिए "संस्कार लक्ष्मी" में लीड रोल के लिए चुनी गई। अब यह अलग बात है कि शो खास चल नहीं पाया। दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए कुछ शोज में बडे लीप भी आए। इनमें से कुछ को दर्शकों ने पसंद किया, लेकिन कुछ को वे बिल्कुल पचा नहीं पाए। ऎसे में जो दर्शकों के लिए चर्चा का विषय बने रहे "पवित्र रिश्ता", "छोटी बहू" , "ना आना इस देस लाडो" और "फुलवा" ऎसे ही कुछ शोज रहे ।

Mixed Bag

  • Beauty Tips: रूखी और बेजान त्वचा के लिए पपीता फायदेमंद, बनाए रखता है नमी और प्राकृतिक चमकBeauty Tips: रूखी और बेजान त्वचा के लिए पपीता फायदेमंद, बनाए रखता है नमी और प्राकृतिक चमक
    आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध दोनों ही पपीते को त्वचा की नमी बनाए रखने और सेहत सुधारने में सहायक मानते हैं। पपीता में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, सी, और ई मौजूद होते हैं, जो त्वचा के लिए बेहद जरूरी हैं। विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं पर काम करता है और ऊतकों को मजबूत बनाता है। विटामिन सी प्राकृतिक रूप से त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है और उसे कोमल व चमकदार बनाता है।...
  • बिना पूजा पाठ के ना करें गृह प्रवेश, जानिए शुभ है या अशुभबिना पूजा पाठ के ना करें गृह प्रवेश, जानिए शुभ है या अशुभ
    बिना पूजा पाठ गृह प्रवेश शुभ है या अशुभ, यह एक आम सवाल है। हिंदू धर्म में, गृह प्रवेश के समय पूजा पाठ करना एक महत्वपूर्ण परंपरा......
  • Beauty Care: आंखों के नेचुरल फिल्टर का ऐसे रखें ख्याल, नीली रोशनी और यूवी से बचाव में हैं ये मददगारBeauty Care: आंखों के नेचुरल फिल्टर का ऐसे रखें ख्याल, नीली रोशनी और यूवी से बचाव में हैं ये मददगार
    एक्सपर्ट ने एक महत्वपूर्ण स्टडी का जिक्र करते हुए बताया कि इस अध्ययन में पाया गया कि ये पोषक तत्व आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आंखों को होने वाली बड़ी दिक्कतों से आसानी से बचाया जा सकता है। खास तौर पर ल्यूटीन और जेक्सैंथिन जैसे दो पोषक तत्व आंखों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करते हैं। ये नीली रोशनी और हानिकारक किरणों को फिल्टर करके आंखों को नुकसान से बचाते हैं। लापरवाही करने से इनकी कमी हो सकती है।...
  • Astha aur Bhakti : नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जान लें ये ज्योतिष सलाह, वरना हो सकता है भारी नुकसानAstha aur Bhakti : नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जान लें ये ज्योतिष सलाह, वरना हो सकता है भारी नुकसान
    खरमास के समय सूर्य धनु राशि में रहते हैं, और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, और नई दुकान या कारोबार शुरू करने जैसे शुभ-मांगलिक कार्यों से परहेज करना चाहिए। हालांकि, खरमास का मतलब ये भी नहीं है कि आप पूरी तरह से कुछ भी नहीं कर सकते। केवल मांगलिक और सांसारिक उत्सवों पर पाबंदी होती है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और दान-पुण्य करने के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है।...

Ifairer