स्कैल्प केयर है नया स्किनकेयर बाथरूम में नहीं आपकी लाइफस्टाइल और हार्ड वाटर में छिपा है हेयरफॉल का असली विलेन
By: Team Aapkisaheli | Posted: 21 July, 2026
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में टूटते और झड़ते बाल एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। जब भी तकिये या कंघे पर बालों का गुच्छा दिखता है तो हम बिना सोचे समझे तुरंत अपना ब्रांडेड शैम्पू बदलकर दूसरा नया शैम्पू ले आते हैं। लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक यह तरीका बिल्कुल वैसा ही है जैसे चेहरे पर पिंपल्स होने पर बार-बार फेसवॉश बदलना जबकि समस्या पेट की खराबी या हार्मोन की हो।
लेटेस्ट हेल्थ और ब्यूटी ट्रेंड्स बताते हैं कि शैम्पू महज एक क्लीन्जर है जो सिर्फ कुछ मिनटों के लिए आपके स्कैल्प पर रहता है। इसका काम केवल धूल मिट्टी और अतिरिक्त तेल को साफ करना है। यह बालों की जड़ों के भीतर जाकर नए बाल उगाने या हेयरफॉल रोकने की दवा नहीं है।
चौंकाने वाले कारण क्यों झड़ रहे हैं युवाओं के बालमेडिकल रिसर्च और डर्मेटोलॉजी एक्सपर्ट्स ने बालों के झड़ने के पीछे कुछ ऐसे अनसुने और दिलचस्प कारण बताए हैं जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता।
पहला कारण है हार्ड वाटर यानी खारा पानी और क्लोरीन। आपके घर के नल में आने वाला भारी पानी जिसमें मैग्नीशियम कैल्शियम और क्लोरीन की मात्रा ज्यादा होती है वह बालों की सबसे बाहरी परत को नष्ट कर देता है। इससे बाल जड़ों से बेजान होकर टूटने लगते हैं। आजकल शावर फिल्टर का इस्तेमाल इसीलिए तेजी से बढ़ रहा है।
दूसरा कारण है स्क्रीन टाइम और अधूरी नींद। देर रात तक मोबाइल देखना या लैपटॉप पर काम करना आपके स्लीप साइकिल को बिगाड़ता है। गहरी नींद के दौरान ही शरीर में बाल उगाने वाले मेलाटोनिन और ग्रोथ हार्मोन्स रिलीज होते हैं। नींद की कमी सीधे बालों को झड़ने वाले फेज में धकेल देती है।
तीसरा कारण है क्रैश डाइटिंग और न्यूट्रिशन गैप। वजन घटाने के चक्कर में अचानक खाना कम कर देना या सिर्फ जंक फूड पर निर्भर रहना शरीर में आयरन विटामिन डी बी बारह और जिंक की भारी कमी कर देता है जिससे बाल जड़ों से कमजोर हो जाते हैं।
चौथा कारण है तनाव और कोर्टिसोल हार्मोन। जब आप ज्यादा तनाव लेते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है जो बालों के फॉलिकल्स को समय से पहले बूढ़ा कर देता है।
नया ट्रेंड स्किनिफिकेशन ऑफ हेयरग्लोबल ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार लोग अब बालों से ज्यादा अपनी स्कैल्प यानी सिर की त्वचा का ख्याल रख रहे हैं। जैसे चेहरे के लिए सीरम और टोनर जरूरी हैं वैसे ही स्कैल्प के लिए स्कैल्प सीरम और माइल्ड सल्फेट फ्री क्लीन्जर्स का चलन बढ़ गया है।
एक्सपर्ट की सलाह है कि शैम्पू को हमेशा सिर्फ सिर की त्वचा पर लगाएं और बालों की लंबाई पर रगड़ने से बचें। अगर बहुत ज्यादा हेयरफॉल हो रहा है तो बार-बार शैम्पू की बोतल बदलने के बजाय पानी की क्वालिटी सुधारें अपनी डाइट में प्रोटीन शामिल करें और किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर अपने स्कैल्प का हेल्थ चेकअप करवाएं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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