बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है ? इन आसान तरीकों से सुधारें उनकी आदत
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 July, 2026
आज के समय में मोबाइल, टैबलेट और टीवी बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, लगभग हर काम के लिए स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ गया है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की नींद, पढ़ाई, शारीरिक गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार पर असर डाल सकता है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर करने के बजाय उसका संतुलित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिखाया जाए। कुछ छोटी-छोटी आदतों और घर के आसान नियमों की मदद से बच्चों का स्क्रीन टाइम कम किया जा सकता है।
घर में स्क्रीन टाइम के लिए तय करें स्पष्ट नियमबच्चों की आदतों में बदलाव लाने के लिए सबसे पहले घर में स्क्रीन इस्तेमाल करने के स्पष्ट नियम बनाएं। यह तय करें कि पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए मोबाइल या टीवी कितनी देर इस्तेमाल किया जाएगा। खाने के समय, सोने से पहले और परिवार के साथ समय बिताते हुए स्क्रीन का इस्तेमाल न करने का नियम बनाएं। जब पूरे परिवार के सदस्य इन नियमों का पालन करते हैं, तो बच्चों के लिए भी उन्हें अपनाना आसान हो जाता है। नियम सख्त होने के बजाय व्यावहारिक होने चाहिए, ताकि बच्चे उन्हें बोझ न समझें।
बच्चों को आउटडोर और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करेंअगर बच्चे का खाली समय सिर्फ मोबाइल पर बीतता है, तो उसकी जगह दिलचस्प गतिविधियां शामिल करें। उन्हें पार्क में खेलने, साइकिल चलाने, ड्राइंग, पेंटिंग, कहानी पढ़ने, पहेलियां सुलझाने या संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें। जब बच्चों को स्क्रीन के अलावा मजेदार विकल्प मिलते हैं, तो उनका ध्यान स्वाभाविक रूप से दूसरी चीजों की ओर बढ़ने लगता है। इससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी बेहतर होता है और नई चीजें सीखने में रुचि बढ़ती है।
बच्चों के साथ बिताएं क्वालिटी टाइमकई बार बच्चे अकेलापन या बोरियत दूर करने के लिए मोबाइल का सहारा लेते हैं। ऐसे में माता-पिता का उनके साथ समय बिताना बेहद जरूरी है। रोज कुछ समय बच्चों के साथ बातचीत करें, बोर्ड गेम खेलें, साथ में किताब पढ़ें या परिवार के साथ छोटी-छोटी गतिविधियां करें। जब बच्चे परिवार के साथ जुड़ाव महसूस करते हैं, तो उनकी स्क्रीन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होने लगती है। मजबूत भावनात्मक रिश्ता बच्चों के आत्मविश्वास और व्यवहार पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
खुद भी बनें बच्चों के लिए अच्छी मिसालबच्चे वही सीखते हैं, जो वे अपने आसपास देखते हैं। यदि माता-पिता हर समय मोबाइल में व्यस्त रहेंगे, तो बच्चों से स्क्रीन कम इस्तेमाल करने की उम्मीद करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए परिवार के साथ समय बिताते समय फोन को एक तरफ रख दें और बातचीत को प्राथमिकता दें। बच्चों की अच्छी आदतें विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि बड़े खुद भी वही व्यवहार अपनाएं। धैर्य, नियमितता और सकारात्मक माहौल के साथ आप बच्चों को संतुलित डिजिटल आदतें सिखा सकते हैं, जिससे उनका समग्र विकास बेहतर तरीके से हो सके।
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