मेवात में दुल्हन खरीद-फरोख्त प्रथा की जांच के लिए एनसीडब्ल्यू ने बनाई 5 सदस्यीय टीम
By: Team Aapkisaheli | Posted: 27 , 2026

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने हरियाणा के मेवात, खासकर नूंह जिले में कथित दुल्हन खरीद-फरोख्त (पारो/मोलकी) प्रथा की जांच के लिए पांच सदस्यीय तथ्य-खोज समिति का गठन किया है। आयोग ने इस टीम को 10 कार्य दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने का निर्देश दिया है। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहतकर ने कहा, किसी महिला को शादी के नाम पर खरीदा-बेचा नहीं जा सकता और न ही उसे वस्तु की तरह देखा जा सकता है। विवाह सम्मान और समानता का रिश्ता है, कोई लेन-देन नहीं।
आयोग के अनुसार, मेवात क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर पारो या मोलकी कहलाने वाली इस प्रथा में दूसरे राज्यों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को बिचौलियों के जरिए लाकर यहां पुरुषों से शादी कराई जाती है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में बिचौलियों या महिला के परिवार को पैसे दिए जाते हैं।
एनसीडब्ल्यू ने मीडिया रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की है।
आयोग का कहना है कि कुछ मामलों में महिलाओं को दोबारा बेचे जाने, लगातार शोषण और हिंसा का भी सामना करना पड़ता है, जिससे अंतरराज्यीय मानव तस्करी और महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन की गंभीर आशंका पैदा होती है।
तथ्य-खोज समिति की अध्यक्षता राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के पूर्व महानिदेशक और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पी.एम. नायर करेंगे।
समिति के अन्य सदस्य हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बी.के. सिन्हा, दिल्ली विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर सीमा सिंह, फिल्म निर्माता एवं अभिनेत्री तृप्ति भोइर और एनसीडब्ल्यू के विधि अधिकारी मनमोहन वर्मा हैं।
आयोग ने कहा कि समिति पारो/मोलकी प्रथा की व्यापकता, स्वरूप और संचालन की जांच करेगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका और राज्यों के बीच सक्रिय संभावित मानव तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल करेगी।
समिति महिलाओं की कानूनी पहचान, उत्तराधिकार और अन्य अधिकारों, हिंसा एवं शोषण, बाल विवाह, सामाजिक कलंक, न्याय और सरकारी सेवाओं तक पहुंच जैसे मुद्दों की भी समीक्षा करेगी।
एनसीडब्ल्यू की टीम नूंह/मेवात और जरूरत पड़ने पर अन्य स्थानों का दौरा कर पीड़ित महिलाओं, स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी।
विजया राहतकर ने कहा कि पारो या मोलकी विवाह से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी तथ्यों के आधार पर जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मानव तस्करी, शोषण या व्यवस्था की विफलता सामने आती है तो आयोग ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदमों की सिफारिश करेगा। -आईएएनएस
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