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घर से निकलना है मुश्किल, तो अपनाएं वर्क फ्रॉम होम

By: Team Aapkisaheli | Posted: 16 July, 2018

घर से निकलना है मुश्किल, तो अपनाएं वर्क फ्रॉम होम
घर से निकलना है मुश्किल, तो अपनाएं वर्क फ्रॉम होम
कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं अपने परिवार और कुछ परेशानियों के चलते काम नहीं कर पाती। अंत में पति या परिवार वाले कहते हैं जॉब छोड़ दो। आज हम आपकी इस परेशानी को दूर करने जा रहे है। आजकल आधुनिक टेक्नोलॉजी की बदौलत एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश में स्थित कंपनी के लिए भी काम कर सकता है। आजकल वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनियां भी एफडब्ल्यूओएस यानी फ्लेक्सिबल वर्क ऑप्शन्स दे रही हैं। इन सब में महिलाओं की मुख्य भूमिका है, क्योंकि वे अपने परिवार की जरूरतों और घर व काम में बैलेस करते हुए ब्राइट करियर बना सकती है।

इरादा पक्का रखें

कई बार ऐसा होता है कि आपके पास सारी आवश्यक योग्यताएं तो होती हैं, लेकिन अनुभव नहीं होता या अनुभव होता हैं, लेकिन क्वॉलिफिकेशन नहीं होती। दोनों ही स्थितियों मे अपना इरादा पक्का रखें।
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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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