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वयस्कों को उदासी दूर करने में मदद सकती है फेसबुक

By: Team Aapkisaheli | Posted: 28 Jun, 2019

वयस्कों को उदासी दूर करने में मदद सकती है फेसबुक
न्यूयॉर्क। अगर आप फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग करते हैं, तो आप अवसाद और चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट से बचने के लिए 1.63 गुना अधिक सक्षम हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

फेसबुक जैसे सोशल मीडिया ऐप का उपयोग करने के अपने फायदे हैं और एक ऐसा सकारात्मक परिणाम वयस्कों के बीच मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर रहा है।

मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग नियमित रूप से वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और डिप्रेशन व चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट को दूर करने में मदद कर सकता है।

मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी में मीडिया और सूचना के प्रोफेसर कीथ हैम्पटन ने कहा, ‘‘संचार प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रिश्तों को बनाए रखना और स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंचना आसान बनाते हैं।’’

इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हैम्पटन ने अधिक परिपक्व आबादी का अध्ययन किया, जिसके लिए उसने निर्धारित किया दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला घरेलू सर्वेक्षण ‘पैनल स्टडी ऑफ इनकम डायनेमिक्स’।

इसमें 13 हजार से ज्यादा वयस्क प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया।

उन्होंने पाया कि सोशल मीडिया यूजर्स में एक वर्ष से दूसरे वर्ष तक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट का सामना करने की संभावना 63 प्रतिशत कम है, जिसमें प्रमुख डिप्रेशन या गंभीर चिंता शामिल है।
(आईएएनएस)

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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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